शिक्षा का उद्देश्य सकारात्मक अभिवृत्ति निर्माण-डॉ0 सुत्ता सिंह

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य विषयगत् ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ प्रतिभागियों का कौशल
विकास करना होता है। परन्तु ज्ञान तथा कौशल की पर्याप्त उपलब्धता, कार्य सम्पादन को सुनिश्चतता
प्रदान नहीं करती। इसके लिये आवश्यक है कि प्रतिभागियों में सकारात्मक अभिवृत्ति का निर्माण किया जाय। यह विचार राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमैट) की निदेशक डॉ0 सुत्ता सिंह ने नवनियुक्त अकादमिक रिसोर्स परसन (ए.आर.पी.) के चार दिवसीय प्रशिक्षण के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किये। डॉ0 सुत्ता सिंह ने आगे कहा कि अभिवृत्ति निर्माण में मानसिक तथा शारीरिक स्वास्थ्य का होना
अत्यन्त आवश्यक है। इसके लिए सीमैट में प्रातः काल योग तथा प्राणायाम का सत्र आयोजित किया जा
रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ए.आर.पी. यहाँ से प्राप्त ज्ञान को विद्यालय तथा बच्चों तक अवश्य
पहुँचाए जिससे हम नई शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिये सही दिशा में गतिमान
हो सके। इस अवसर पर संस्थान के विभागाध्यक्ष डॉ0 अमित खन्ना ने कहा कि अकादमिक रिसोर्स परसन
की भूमिका शैक्षिक नेतृत्वकर्ता के रूप में महत्त्वपूर्ण है और वे अपने-अपने विकास खण्ड में शिक्षा को नई
दिशा प्रदान कर सकते हैं। कार्यक्रम समन्वयक प्रभात कुमार मिश्रा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत
करते हुए कहा कि हमारे लिये प्रत्येक प्रतिभागी महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि उसका सकारात्मक प्रभाव लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होगा ।पुस्तकालयाध्यक्ष सरदार अहमद ने कहा कि इन चार दिनों में आप पढ़ने और पढ़ाने के कार्य से जुड़ें। प्रवक्ता पवन सावंत ने समय प्रबन्धन पर बल देते हुये समय के सदउपयोग पर अपने विचार व्यक्त किये।




