पटरी दुकानदारों को मिली राहत नहीं होगी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। पटरी दुकानदारों के लिए अच्छी खबर है। केन्द्र सरकार की ओर से उन्हें राहत दी गई है।
केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने सभी राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र लिखकर पीएम स्वनिधि योजना की कार्यवाही पूरी होने तक एवं योजना के पात्र पटरी दुकानदारों पर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई न करने को कहा है।
सचिव ने कहा कि पटरी दुकानदार शहरी अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है। इन छोटे व्यापारियों के उत्पीडऩ से पीएम स्वनिधि योजना पर असर पड़ेगा।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत लॉकडाउन में परेशान हुए पटरी दुकानदारों को सब्सिडी लोन दिया जा रहा है। राष्ट्रीयकृत बैंक कैंप लगाकर इन्हें दस हजार रुपये का लोन दे रहे हैं।
नगर निगम अब तक 28 हजार पटरी दुकानदारों का सर्वे कर चुकी है। इन सभी को लोन दिया जाना है। पटरी दुकानदारों की शिकायत रही है कि लोन देने की प्रक्रिया के दौरान ही उन्हें कारोबार करने से रोका जाता है। अतिक्रमण की कार्रवाई में उन्हें हटा दिया जाता है।
जब तक लोन देने की कार्यवाही चल रही है तब तक अतिक्रमण की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। इसे लेकर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने पत्र जारी किया है।
नेशनल हॉकर फेडरेशन के प्रदेश महासचिव रविशंकर द्विवेदी ने कहा कि पिछले कुछ समय में स्मार्ट सिटी के नाम पर पटरी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई बढ़ी है। लॉकडाउन में पटरी दुकानदारों की आर्थिक हालत कमजोर हो गई।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा की ओर से जारी किए गए पत्र की कॉपी नगर आयुक्त कार्यालय के साथ ही एसएसपी कार्यालय को भी उपलब्ध कराई गई है।
वहीं, अपर नगर आयुक्त मुशीर अहमद का कहना है कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत लोन देने की प्रक्रिया चल रही है। निगम में पंजीकृत पटरी दुकानदारों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
60 हजार दुकानदारों को देना है लोन
प्रयागराज। नगर निगम के रिकार्ड के मुताबिक अब तक 13,800 पटरी दुकानदारों का नगर निगम में रजिस्ट्रेशन है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत नगर निगम को करीब 60 हजार पटरी दुकानदारों को लोन देने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें से अब तक 681 लोगों को लोन दिया गया है। नगर निगम ने अब तक 28 हजार पटरी दुकानदारों का सर्वे कर लिया है।




