उत्कृष्ट कार्य कर रहे शिक्षक अपने अनुभव साझा करें : डॉ सुत्ता सिंह

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। किसी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता तभी सम्भव है जब हमें जमीनी स्तर पर विद्यालयों में परिवर्तन स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो। हमारा यह प्रयास होगा कि जो विद्यालय उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके शिक्षक प्रशिक्षण के दौरान आयें और अपने विद्यालय के अनुभवों को प्रतिभागियों के साथ साझा करें। जिससे हमारे प्रदेश के अन्य विद्यालय भी बेहतर करने के लिए प्रेरित हो सकें। उक्त विचार राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमैट) उप्र प्रयागराज की निदेशक डॉ. सुत्ता सिंह ने प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किया। मूलभूत साक्षरता व संख्या ज्ञान पर आधारित 24 नवम्बर से चल रहे राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के तृतीय दिवस पर उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए कहा कि सर्वप्रथम राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनरों को मूलभूत साक्षरता व संख्या ज्ञान की बारीकियों पर उनकी स्पष्ट समझ विकसित करने हेतु समग्र शिक्षा, सीमैट, एल.एल.एफ. एवं विक्रमशिला फाउण्डेशन के सहयोग से यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान में गतिमान है। इसके उपरान्त प्रशिक्षित राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनरों के सहयोग से प्रदेश भर के समस्त एस.आर.जी एवं प्रत्येक डॉयट से एक डॉयट मेण्टर को कुल 300 सन्दर्भदाताओं को 1 से 10 दिसम्बर के मध्य में दो चक्रों में संस्थान में प्रशिक्षित किया जायेगा। निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर अपने अपने जनपदों में अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ए.आर.पी.) को ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर के रूप में डायट में प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षित ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रदेश भर के समस्त शिक्षकों को ब्लॉक स्तर पर 13 दिसम्बर से 31 जनवरी के मध्य प्रशिक्षित करेंगे। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम की ऑनलाइन मॉनिटरिंग सीमैट उप्र प्रयागराज द्वारा की जायेगी। उन्होंने कहा कि हमें सभी वर्ग के छात्र-छात्राओं को एक समान अधिगम स्तर पर लाने हेतु विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का सफल क्रियान्वयन तभी सम्भव है। जब हम बच्चों को कर के सीखने का अवसर प्रदान करें एवं उनकी रुचि के अनुसार अध्ययन करने व कार्य करने का उन्हें अवसर प्रदान करें।




