उज्जवलता और जीवंतता का प्रतीक हैं नवरात्र- महामंडलेश्वर कौशल्यानंद गिरी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । नवरात्रों के अवसर पर इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित किन्नर आश्रम में भक्तों को आशीर्वाद देते हुए महामंडलेश्वर कौशल्यानंद गिरी (टीना मां ) नवरात्र पर मां की कथा का वर्णन करते हुए आश्रम में श्रद्धालु भक्तों ने दुर्गा चालीसा एवं देवी सप्तशती का पाठ कर मां भगवती का गुणगान किया और देश में सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर कौशल्यानंद गिरी (टीना मां ) ने कहा कि नवरात्र पर्व उज्जवलता और जीवंतता का प्रतीक हैं। नवरात्र व्रत करने से अंत:करण की शुद्धि होती है। तामसिक और नकारात्मक विचारों का शमन होता है। सकारात्मक विचारों का उदय होता है। जिससे मनुष्य में कल्याणकारी गुणों का विकास होता है। नवरात्र में मां दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों की आराधना करने से सुख समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। माँ दुर्गा एक आध्यात्मिक शक्ति के रूप में सभी बुराइयों को नष्ट करती हैं और भक्तों को आशीर्वाद व वरदान प्रदान करती हैं। महामंडलेश्वर कौशल्यानंद गिरी (टीना मां ) ने कहा कि मां दुर्गा ब्रह्मांड की ऊर्जा व दिप्व्य शक्ति का परम स्रोत हैं। नवरात्र व्रत करने से साधक को शक्ति और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। नवरात्र व्रत मां दुर्गा की आराधना के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देते हैं। व्रत करने के साथ साधक को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी अवश्य लेना चाहिए। किन्नर आश्रम में भक्तों का मां का आशीर्वाद लेने के लिए भीड़ उमड़ रही है।




