तमिलनाडु में फिर शुरू रिजॉर्ट पॉलिटिक्स, दिनाकरण ने विधायकों को किया अंडरग्राउंड

तमिलनाडू। मिलनाडु में फिर शुरू रिजॉर्ट पॉलिटिक्स, दिनाकरण ने विधायकों को किया अंडरग्राउंड अन्नाद्रमुक के बागी नेता टीटीवी दिनाकरण. तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर से गहमागहमी शुरू हो गई. इसी के साथ विधायकों को विपक्षी खेमे से बचाने के लिए रिजॉर्ट पॉलिटिक्स भी शुरू हो गई है. अन्नाद्रमुक के बागी नेता टीटीवी दिनाकरण ने अपने कैंप के अयोग्य करार दिए गए 17 विधायकों को तिरुनेलवली के पास स्थिति रिजॉर्ट में जाने को कहा है.
कहा जा रहा है कि इन विधायकों की किस्मत का फैसला मद्रास हाईकोर्ट इस सप्ताह कर सकता है. सूत्रों ने बताया कि पी वेत्रिवेल को छोड़कर सभी विधायक फैसला आने तक कोर्टाल्लम के एक रिजॉर्ट में रहेंगे.
दिनाकरण के बेंगलुरु जेल में शशिकला से मिलने के चंद घंटों बाद ही अयोग्य करार दिए विधायकों को रिजॉर्ट में भेजने का फरमान जारी हो गया. खबरें हैं कि ई पलानीसामी और ओ पन्नीरसेल्वम मिलकर दिनाकरण के करीबी विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.
मद्रास हाईकोर्ट ने 14 जून को विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने के फैसले पर सुनवाई करते हुए बंटा हुआ फैसला दिया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस एम सत्यनारायण को तीसरा जज नियुक्त किया था. उन्होंने इस मामले में अपना फैसला रिजर्व रखा हुआ है.
इस फैसले पर राज्य के साथ ही राष्ट्रीय पार्टियों की भी नजरें हैं. फैसले से राज्य में राजनीतिक माहौल बदलने की भी संभावना जताई जा रही है. यदि कोर्ट विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने के फैसले को बरकरार रखता है तो इन सीटों पर उपचुनाव होंगे. वहीं फैसला बदले जाने पर तमिलनाडु सरकार अल्पमत में आ जाएगी और उसे बहुमत साबित करना होगा. पलानीसामी के साथ विधायक सहित 116 विधायकों का साथ था लेकिन इनमें से चार बागी हो चुके हैं.



