माहे रमज़ान के दूसरे जुमा पर मस्जिदों व इबादतगाहों मे खुदा की बारगाह मे किया गया शुक्र का सजदा

(अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। धीरे धीरे कर माहे रमज़ान का तेराह रोज़ा मुकम्मल हो गया।माहे रमज़ान मे यह दूसरा जुमा था तो हर कोई जुमे की नमाज़ की तय्यारी में था।सुबहा उठ कर सहरी करने नमाज़ ए फजिर और तिलावत के फराएज़ अन्जाम देने के बाद जुमा कि नमाज़ से पहले ग़ुस्ल कर सफेद कुर्ता और पैयजामा और सर पर टोपी लगा कर मस्जिदों मे नमाज़ियों का सैलाब धीरे धीरे पहुँचना शुरु हुआ।12:15 से लेकर 2 बजे तक विभिन्न मस्जिदों व इबादतगाहों मे जुमा की नमाज़ अक़ीदत व ऐहतेराम के साथ अदा की गई।चौक जामा मस्जिद रौशनबाग़ की शाह वसीउल्लाह मस्जिद के साथ सु्न्नत जमात की सभी छोटी बड़ी मस्जिदों सहित चक शिया जामा मस्जिद ,मस्जिद खदीजा करैली मे बाजमात नमाज़ ए जुमा अदा कराई गई।नमाज़ के साथ ओलमाओं ने जुमा और माहे रमज़ान की फज़ीलत बयान की।मग़रिब की अज़ान सुन कर रोज़ादारों ने रोज़ा खोला।दरियाबाद मे सिकन्दर खाँ की ओर से रोज़ा इफ्तार का आयोजन किया गया जिसमे सामाजिद धार्मिक व राजनीतिक लोगों ने एक साथ बैठ कर रोज़ा खोला।सै०इफ्तेखार हुसैन ,मशहद अली खाँ ,अरशद ज़ैदी ,अब्बन नक़वी समेत अन्य लोग शामिल हुए।
*टेलरों ने टांगा फुल हाऊस का बोर्ड*
जैसे जैसे रमज़ान के दिन बीत रहे हैं।वैसे वैसे बाज़ारों मे भीड़ बढ़ रही है।ईद के कपड़ो की खरीदारी के साथ साज सज्जा और सेंवई खाने वाले बाऊल शरबत के गिलास और घरों मे सोफा के कवर और परदे भी लोग खरीद रहे हैं।वही दो साल से कोरोना के कारण सभी तेहवार फीके थे।इस बार बन्दीशें हटीं तो बाज़ारो की रौनक़ भी बढ़ गई और खरीदार भी बाज़ारों मे दिखने लगे।दिन मे जहाँ ग्रामीण इलाक़ो के खरीदार बाज़ार मे खरीदारी को पहुँचे तो वहीं शहरी लोग रोज़ा खोलने के बाज़ार मे निकल पड़े।टेलरों के यहाँ तेरहा रोज़ा मुकम्मल होते होते ज़्यादातर हाऊस फुल का बोर्ड टाँग दिया गया।उम्मुल बनीन सोसाईटी के महासचिव सै०मो०अस्करी ने बताया की अभी कुछ टेलर ही ऐसे हैं जो अभी भी कपड़े सिलने को ले रहे हैं वहीं उम्मीद है पंदराह रमज़ान के बाद रेडीमेड गारमेन्ट की खरीदारी पर लोगों का झूकाव बढ़ेगा।चप्पल जुते बनयाईन और अन्डरवियर सहित ईत्र रुमाल और टोपी आदि की खरीदारी भी रभज़ान के आखरी दिनो मे होगी।।




