देश

समाज में कुविचारों को मिटाने के लिए संस्कार केंद्रों की जरूरत : प्रदेश निरीक्षक

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। समाज में व्याप्त कुविचारों को मिटाने के लिए संस्कार केंद्रों की जरूरत है। झुग्गी-झोपड़ियों में रहने और बढ़ने वाली एक पीढ़ी विकसित हो रही है, यह भारत माता की संतानें हैं, यदि हम वहां नहीं पहुंचे तो वे असंस्कारी हो जाएंगे और समाज के लिए नासूर बनेंगे। उक्त विचार रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज, राजापुर में भारतीय शिक्षा समिति काशी प्रदेश निरीक्षक रामजी सिंह ने व्यक्त किया। विद्या भारती काशी प्रांत द्वारा संचालित सेवा बस्तियों में चल रहे संस्कार केंद्रों के संयोजकों के सात दिवसीय सेवा शिक्षा प्रशिक्षण वर्ग के तीसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश निरीक्षक ने कहा सेवा केंद्र क्यों ?, कैसे ? और किस के लिए ? उन्होंने बताया कि इसीलिए हम उन बस्तियों में जाकर उनको संस्कारित कर “जग सिरमौर बनाएं भारत“ की कल्पना को साकार कर सकेंगे। अध्यक्षता करते हुए भारतीय शिक्षा समिति पूर्वी उप्र के मंत्री डॉ रघुराज सिंह ने कहा कि सेवा बस्ती में कार्य करना अत्यंत दुरूह कार्य है और जो कार्य शुरू होता है उसमें अगर सफलता मिल जाए तो आनंद ही आनंद है। हम समाज द्वारा समाज के लिए कार्य करने वाले व्यक्ति हैं। और हम धन्य हैं कि हमारा जीवन सेवा के लिए समर्पित है। हम उन बस्तियों में काम करते हैं जहां सरकारें नहीं जा पाती। इसलिए आप धन्य हैं कि आप उन्हें संस्कारित करने का कार्य कर रहे हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य बांके बिहारी पांडेय के संयोजन में आयोजित शिक्षा प्रशिक्षण वर्ग में प्रधानाचार्य बांके बिहारी पांडेय ने अतिथियों एवं समस्त केंद्र संयोजकों का स्वागत किया। संगीताचार्य एवं मीडिया प्रभारी मनोज गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम में काशी प्रांत से लगभग 100 सेवा केंद्र के संयोजक भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा शिक्षा संयोजक रामस्वरूप, प्रांतीय सेवा प्रमुख कमलाकर तिवारी, क्षेत्रीय सीमा सेवा संयोजक राघव, सह शिक्षा सेवा संयोजक नरसिंह नारायण सिंह सहित विद्यालय के समस्त आचार्य एवं आचार्या उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button