अल्पसंख्यकों के दर्द को समझने आए पूर्व मंत्री आबिद रज़ा खाँ, केंद्र पर किया हमला

प्रयागराज। आज हमको क्या पहन्ना है ,क्या खाना है और क्या पढ़ना है इस पर बन्दिश लगा कर हमारा उत्पिड़न किया जा रहा है।जब्कि हमेशा से हमने जो पढ़ा और समझा वह यह कि सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा ,हम बुलबुले हैं इसकी यह गुलसिताँ हमारा। पूर्व मंत्री आबिद रज़ा खाँ ने यह बात इलाहाबाद में अपने सम्मान के दौरान कही।

उन्होंने कहा की यह फासिस्ट सरकार हमारे हिन्दुस्तान की पहचान को नष्ट करने पर तुली है। हमे हिन्दू और मुसलमान मे बाँट कर हिन्दूत्व की आग मे जलाने की कोशिश हो रही है ।उन्होने कहा भाजपा साज़िश रच करफूट डालो और राज करो के अंग्रेज़ी हुकूमत के फारमूले पर चल पड़ी है।

भारत के धर्मनिर्पेक्ष स्वरुप को धूमिल किया जा रहा है।कहा सिर्फ मुसलमान ही नही इस सरकार मे दलित समाज ,वयापारी वर्ग और उच्च जाति के लोग भी नाराज़ हैं।सब का साथ सब का विकास का नारा खोखला हो गया ।

उन्होने समाज के लोगों से टूटे अंगूर की मानिंद नही बल्कि अंगूर का गुच्छा बन कर आगे बढ़ने की नसीहत दी।जार्जटाउन स्थित ज़िला कार्यालय पर पूर्व मंत्री आबिद रज़ा खाँ का ज़िलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति सिंह यादव,महानगर अध्यक्ष सै०इफतेखार हुसैन महासचिव योगेश चन्द्र यादव रविन्द्र यादव,मो०इसराइल,महबूब उसमानी ,वज़ीर खाँ,मुश्ताक़ काज़मी,इसरार अन्जुम ने सर पर साफा और हरा दूपट्टा व फूल माला पहना कर गर्मजोशी से स्वागत किया।
बैठक की अध्यक्षता सै०इफतेखार हुसैन व संचालन अल्पसंख्यक सभा के महा सचिव किताब अली ने की।बैठक मे कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रख्खे और पूर्व मंत्री से अपना दूख दर्द साझा किया ।
कार्यकर्ताओं को सभी मतभेद भूला कर 2019 और 2022 के चूनाव को देखते हुए एक जूट होने की बात भी बैठक मे कही गई।इस मौक़े पर सबिहा मोहानी,नियामत उल्ला सिद्दीक़ी,सै०मो०अस्करी,मेराज अहमद, अब्बास नक़वी, माशूक़ अहमद, औन ज़ैदी, हाफिज़ ऐनूल हसन,रेहान अहमद,नदीम अली,खुर्शीद खाँ,तारिक नेहाल,महबूब आलम,इम्तेयाज़ अहमद,जमील अंसारी,अक्कून अंसारी,शहादत अलीसहित अन्य लोग मौजूद थे।



