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माँ पार्वती ने भी भूतभावन भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए की थी पार्थिव शिवलिंग की पूजा- महामण्डलेश्वर कौशल्यानन्द गिरी टीना माँ

 

अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण महायज्ञ सावन के 19वें दिन भी लगातार जारी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। विगत 14 जुलाई 2022 से त्रिवेणी बाँध स्थित श्री कृपासिंधु काले हनुमान मन्दिर पर नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट प्रयाग के तत्वाधान में विश्व जनकल्याण एवं सर्वमनोकामना सिद्धि हेतु जारी अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण महायज्ञ आज 19वें दिन भी विधि-विधान के साथ भक्तों द्वारा जारी रहा। यज्ञ स्थल पर आज भक्तों ने पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं अभिषेक कर भगवान भोलेनाथ से सर्व मनोकामना सिद्धि हेतु माँगा वरदान, वही नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट प्रयाग के संस्थापक अध्यक्ष एवं यज्ञ संयोजक पं० श्याम सूरत पाण्डेय ने कहा कि सतयुग, त्रेता, द्वापर, कलयुग (जो वर्तमान में प्रभावशाली है) में भगवान शिव ही आदि एवं अनन्त होते हुए देवों के देव महादेव हैं, जिन्हें विघ्नविनाशक एवं भोलेनाथ कहा जाता है। वेदों में वर्णित है कि “भाविउ मेटि सकई त्रिपुरारी” और सतयुग में भगवान श्री राम ने भी श्री आदिशंकर भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए पार्थिव शिवलिंग की पूजा एवं अभिषेक किया, माँ पार्वती ने भी भूतभावन भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए पार्थिव शिवलिंग की पूजा की। ऐसे में सामूहिक जनकल्याण एवं शिवलिंग निर्माण करने वाले भक्तों के विघ्न बाधाओं को दूर करने सहित भगवान शिव की भक्ति एवं कृपा पाने के लिए पार्थिव शिवलिंग निर्माण अभिषेक एवं विसर्जन करना ही इस कलयुग में भक्ति एवं कल्याण का सरल एवं सीधा उपाय है, जिससे भक्त भगवान शिव का सीधा कृपा पात्र बन जाता है और उनके समस्त कष्टों का निवारण हो जाता है। अतः आप सभी भक्तों से निवेदन है आइए श्रद्धा और भक्ति के साथ पार्थिव शिवलिंग का निर्माण करें और इस महायज्ञ में भागीदार होकर विश्व जनकल्याण की भावना को साकार कर अपनी सभी मनोकामना को पूर्ण करें। मुख्य यजमान के रूप में मुख्य यजमान के रूप में किन्नर अखाड़े की महामण्डलेश्वर कौशल्यानन्द गिरी जी उर्फ टीना माँ एवं वरिष्ठ समाजसेवी सर्वेश कपूरिहा और श्रीमती नीलम निषाद ने उपस्थित हो कर सामूहिक रूप से भूतभावन भगवान भोलेनाथ का भव्य अभिषेक किया। विसर्जन के उपरान्त महाशिवपुराण कथा का अमृतपान श्री यज्ञाचार्य द्वारा कराया गया।

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