मतदान प्रत्येक नागरिक का एक राष्ट्रीय कर्तव्य-महंत बजरंगमुनि उदासीन
प्रयागराज। भारत एक स्थिर और परिपक्व लोकतंत्र के रूप में विकसित हो गया है. मतदाताओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे न केवल अपनी स्वतंत्र समझ-बूझ रखते हैं, बल्कि अपने हितों को मतदान केंद्र के ज़रिये प्रकट करने में भी सक्षम हैं।
यह उन लोगों के लिए तो सचमुच ही अद्भुत है, जो यह मानते हैं कि भारत में लोकतंत्र की सफलता के लिए सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना ज़रूरी है. ख़ैर समस्याएँ तो रहेंगी ही. राजनैतिक वर्गों में व्याप्त भ्रष्टाचार के प्रमाण मौजूद हैं और अपराधी प्रवृत्ति के उमीदवारो की संख्या में वृद्धि सबके लिए चिंता का विषय है।
अगर आम आदमी पार्टी के आकस्मिक उदय से हमने कोई पाठ सीखा है तो मतदाता अपनी समझ-बूझ से व्यापक परिवर्तन भी ला सकते हैं. बस हमें सही निर्णय लेने की आवश्यकता है।
श्री मीता बाबा आश्रम हरिश्चंद्रपुर ठेकमा आजमगढ़ के महंत बजरंग मुनि उदासीन जी ने मतदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मतदान प्रत्येक नागरिक का एक राष्ट्रीय कर्तव्य है ।मतदान लोकतंत्र की वह संजीवनी है जिसके बिना लोकतंत्र मृत समान है ।
इसलिए महंत जी ने समस्त जनमानस को मतदान करने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि सभी लोग घर से बाहर निकल कर अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर पहले मतदान करें फिर अपने कार्य को संपादित करें। आगे उन्होंने कहा कि आप सब एक ऐसे योग्य सरल एवं मिलनसार उम्मीदवार का चुनाव करें ताकि वह लोकतंत्र की सही परिभाषा को समझ सके की लोकतंत्र जनता का जनता के लिए जनता द्वारा किया गया शासन है।आगे महंत जी ने यह कहकर अपनी बात को समाप्त किया कि बैलेट की मार बुलेट से ज्यादा प्रभावशाली है तथा महंत जी ने मतदान प्रतिशत को बढ़ाने का आग्रह भी किया।

