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मोदी ने प्रथम सेवक पद को अहंकारी बना दिया – योगेश शुक्ल

प्रयागराज, नेेेहरू जीी ने भाषण में खुद को देश का प्रथम सेवक बताया था।नेहरू जी ने आज़ादी के दिन रेडियो पर प्रसारित राष्ट्र के नाम संदेश देते हुए कहा था कि मुझे एक सरकारी हैसियत मिली है,जिसका असली नाम यह होना चाहिए कि मैं भारत की जनता का प्रथम सेवक हूँ ।खास बात ये थी कि नेहरू ने खुद को प्रधानसेवक नही कहा था प्रधानसेवक तो 2014 में बना।नेहरू ने खुद को प्रथम सेवक कहा क्योकि प्रधानमंत्री अपनी केबिनेट में सर्वोच्च नही प्रथम होता है।
नेहरू जी के भाषण के साथ करछना क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी योगेश शुक्ल ने लोगो मे नया उत्साह फुका।योगेश शुक्ल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हम जिस जमीन पे खड़े है ये उस महान प्रधानमंत्री और देश के नेता की जमीन है जिसे भूला दिए जाने का पूरा प्रयास किया जाता रहा है।जिसके कहे गए शब्दों को 2014 से लाल किले से प्रधानमंत्री द्वारा दोहराया गया और बस वो प्रथम की जगह प्रधान बन गया।दरअसल नेहरू की सोच और उनकी जड़े इतनी गहरी है कि उसे इतनी आसानी से काटा नही जा सकता है क्योंकि वो सही मायने में देश के लिए कुछ करने का जज्बा लिए हुई थी।देश का दुर्भाग्य है कि आज प्रथम सेवक अहंकार का पर्यायवाची हो गया।
करछना क्षेत्र में पुराने दिग्गज कांग्रेसियो को एकजुट करते हुए योगेश शुक्ल ने जीत के लिए मिलजुल कर काम करने का आह्वान किया ।बड़ी संख्या में पुराने कांग्रेसियों को एकजुट करते हुए योगेश शुक्ला ने जीत के लिए मिलजुलकर काम करने का आह्वान किया।बड़ी संख्या में कांग्रेसियों ने कहा कि योगेश शुक्ल के आ जाने से इलाहाबाद में एक बार फिर जीत का भरोसा जगा है।उनके प्रचार में बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता भी शामिल थे।गौहनिया में नए कार्यालय के उदघाटन के अवसर पे कई बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।

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