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ABVP ने 75%मानक तय करने विरोध में कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा,मांग पूरी न होने पर होगा उग्र आंदोलन

प्रयागराज डेस्क। अभाविप ने राज्य वि वि द्वारा प्रेटिकल में 75 प्रतिशत अंक का मानक तय करने के विरोध में कुलपति के नाम डिप्टी रजिस्ट्रार को सौंपा ज्ञापन,,मांग पूरी न होने पर होगा उग्र आंदोलन।
विदित हो कि प्रो.राजेन्द्र सिंह रज्जू भइया राज्य वि वि द्वारा प्रेक्टिकल परीक्षाओं में तय नंबर का 75 प्रतिशत नंबर परीक्षार्थी को परीक्षक द्वारा देने का प्रावधान का नियम बनाया गया है,जो लगिंग सिस्टम के आधार पर 72,73 अंक ही अंकित हो पा रहें यदि इससे ज्यादा अंक किसी छात्र को परीक्षक द्वारा दिया जाता है तो उसकी कापी वि वि द्वारा फिर से चेक की जाएगी व दूसरे परीक्षक उस परीक्षार्थी की दुबारा परीक्षा के माध्यम ये तय करेंगे कि यह पाए हुवे नंबर का हकदार है अथवा नहीं।वि वि के इस प्रक्रिया का परीक्षा के बीच में ही बिना किसी सूचना के लागू करने के तानाशाही फरमान के विरोध में दोपहर बारह बजे राज्य वि वि प्रमुख अनुज शर्मा के नेतृत्व में कुलपति के अनुपस्थिति में वि वि उपस्थित डिप्टी रजिस्ट्रार श्रीमती दीप्ति मिश्रा को कुलपति के नाम का ज्ञापन सौंपा व इस तानाशाही आदेश के विरोध में पक्ष रखा व कहा कि कोई भी नियम सत्र के शुरुवात में बनाए जाते है। नकि बिना किसी पूर्व सूचना के ही परीक्षा चलते समय ही फरमान जारी कर देना चाहिए,यह नियम पूर्णतः छात्र विरोधी है,इसके अतिरिक्त वि वि ही प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए परीक्षक तय करती है और उन्हीं पर संदेह कर अधिक नंबर पाने वाले छात्र को उसी विषय के दूसरे परीक्षक से दुबारा प्रमाणिकता प्राप्त करनी होगी जो गलत है।कुल मिलाकर हर तरफ से छात्र ही समस्याओं का सामना करे ये कहां का न्याय है,कुल मिलाकर वि वि अपने द्वारा तय किए परीक्षक पर ही अविश्वास करना और उसकी भरपाई छात्रों से करना निंदनीय है।
राज्य वि वि प्रमुख अनुज शर्मा ने कहा कि~वि वि को कोई भी नियम सत्र के शुरुवात में ही लगाना चाहिए था अब परीक्षा के बीच में तानाशाह की तरह नियम बनाना और उस नियम से पूर्व कुछ महाविद्यालय जिन्होंने पूर्व में ही प्रैक्टिकल की परीक्षा करवा ली थी उन छात्रों को अलग रूप से नंबर प्राप्त हुआ है इससे वि वि का दोहरा चरित्र सामने आ रहा है,,जो निंदनीय है।
महानगर अनुपम त्रिपाठी ने कहा कि~वि वि पहले तो ये जो 75 नंबर पर कम्प्यूटर पर मानक तय कर लागिंग सिस्टम बनाया है इसे अविलंब समाप्त करे क्योंकि प्रदेश के किसी भी वि वि में यह प्रक्रिया नहीं है,वैसे भी इस प्रक्रिया से वि वि पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हो सकता है,इस प्रक्रिया से वि वि स्तर से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा,यदि इस पूरे मामले पर वि वि प्रशासन पुनर्विचार नहीं करती तो परिषद के कार्यकर्ता उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे,इसकी पूरी जिम्मेदारी वि वि प्रशासन की होगी।
इस दौरान:~महानगर सह मंत्री पंकज दुबे,प्रणव अस्थाना,अनुराग शुक्ल, अभिलाष सिंह,वरुण ध्यानी,शिवम् शुक्ल,विजय प्रताप सिंह,दिव्यांशु शुक्ल,राहुल,आयुष,पीयूष आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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