संत समागम
भक्ति जीवन में हर पल अति आवश्यक है-अरविन्द स्वामी महराज
प्रयागराज। स्वामी डूँग जी महाराज संस्थान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में आज व्यास पीठाशीन अरविन्द स्वामी जी ने भक्ति का स्वरूप बताते हुवे कहा की भक्ति जीवन में हर पल अति आवश्यक है , वो हर एक एक व्यक्ति, हर कार्य, हर समय मानव मात्र के प्रति प्रदर्शित है, जैसे जन्म लेते ही माता के प्रति बालक का प्रेम ही उसकी भक्ति का रूप है , सामाजिक व्यक्ति हर पल जीवन में भक्ति का ही आश्रय ले के बैठा है।

अतः संसार में कोई भी भक्ति से वंचित नहीं है ऐसा शास्त्रों का कहना है, साथ ही अन्य प्रशंग भी श्रोताओं को सुनाये जिसमें सती चरित्र पे आज प्रकाश डाला गया




