माँ और भगवान के अलावा सब स्वप्न-स्वामी अमृत दास
प्रयागराज । माघ मेला खाकचौक रामानंद मार्ग द पर भक्तमाल परिवार के स्वामी अमृत दास जी महाराज के पंडाल में भागवत कथा के दौरान स्वामी श्री ने बताया श्री कृष्ण ने बचपन मे मिट्टी खाई ओर पकड़े गए तो यसोदा मैया ने कहा लाला तुमने मिट्टी खाई भगवान मुस्कुराकर कहते है ।मैया मेने मिट्टी नही खाई ।
आप मेरा मुख देख लो तो मैया ने भगवान का मुख खुलवाया मिट्टी तो नही दिखी पर करोड़ो सूर्य चंद्रमा पृथ्बी तारामंडल धूमकेतु पुच्छलतारा दिखाई दिए ।
तो मैया कहती है। लाल ये सब क्या है ।भगवान कहते है माँ तुमने स्वप्न देखा है। ये सब जो तुमने देखा वह स्वप्न है तो माँ कहती है कि फिर सत्य क्या है । तो भगवान कहते है माँ एक तू सत्य है। और एक मे बाकी सब स्वप्न है । इसीलिए माँ और भगवान के अलावा सब स्वप्न है। रामचरित मानस में बाबा कहते है उमा कहऊँ में अनुभव अपना सत हरि भजन जगत सब सपना।

