कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में इलाहाबाद मण्डल का बेहतर प्रदर्शन
इलाहाबाद। जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में इलाहाबाद मण्डल ने सराहनीय प्रगति दर्ज की है। पिछले मापदण्डों के मुकाबले इलाहाबाद प्रदेश की रैंकिग में 17वें स्थान से उठकर 7वें स्थान पर आ गया है। प्रथम स्थान पर आगरा के बाद क्रमशः मुरादाबाद, विन्धयाचल, मेरठ, बरेली और गोरखपुर के बाद इलाहाबाद में शासकीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्यवय सामने आया है।
शेष मण्डल इलाहाबाद से नीचे है। मण्डलीय समीक्षा बैठक मे मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल ने आज गांधी सभागार मं मण्डल के सभी जनपदों से आये जिलाधिकारियों तथा मण्डलीय अधिकारियों को इसके लिए साधुवाद देते हुए मण्डल की रैंकिग को और ऊपर ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया।
शासन द्वार की जा रही ग्रेडिंग में इलाहाबाद मण्डल को कुल 137 कार्यक्रमों मे लगभग 48 प्रतिशत अंक मिले है, जबकि प्रथम स्थान प्राप्त आगरा को लगभग 55 प्रतिशत अंक मिले है। मण्डलक की जनपदवार रैंकिग में सर्वाधिक बेहतर अंक कौशाम्बी के हैं।
मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल की अध्यक्षता में आज आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार मे मण्डलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में मण्डलायुक्त इलाहाबाद मण्डल की रैंकिग उत्तर प्रदेश के मण्डलों अच्छी आने पर मण्डलीय अधिकारियों को बधाई दी और कहा कि इसी तरह कार्यो को और बेहतर ढंग से सम्पादित किया जायेगा। उन्होंने समाधान दिवसों में आने वाले फरियादियों की मूलभूल सुविधाओ का ध्यान रखने तथा तहसीलों की व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से रखने के निर्देश दिये।
मण्डलायुक्त ने कहा कि समाधान दिवसों में आने वाली जनती की बैठने की व्यवस्था ठीक से की जाय तथा उनकी शिकायतों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराया जाय। साथ ही यह भी कहा कि वे सही प्रारूप पर सूचनायें उनके समक्ष 27 जून को लेकर उपस्थित हो। अगली बैठक में प्रारूप सही न होने पर सीधे कड़ी कार्रवाई के लिए बाध्य होना पड़ेगा। मण्डलायुक्त ने सभी जिलाधिकारियो को निर्देश दिये कि मण्डलीय समीक्षा बैठक हर माह के प्रथम सप्ताह मे अवश्य आयोजित की जाय तथा सभी अधिकारी उसमें अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। उन्होंने समीक्षा के लिए बनायी गयी बुकलेट मे कार्यो की प्रगति का प्रारूप सही रूप से अंकित न किये जाने पर मण्डलीय अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए, इसे सही प्रारूप में अगली मण्डलीय समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने वृक्षारोपण के कार्यो हेतु वृहत स्तर पर कार्य करने हेतु वन विभाग के अधिकारियो को निर्देशित किया।
मण्डलायुक्त ने मण्डलीय समीक्षा बैठक में इलाहाबाद मण्डल की जनहित कारी योजनाओं के क्रियान्वयन के क्षेत्र में इलाहाबाद मण्डल विगत के सापेक्ष पूरे उत्तर प्रदेश में 7वें नम्बर पर आने पर सभी मण्डलीय अधिकारियों को बधाई दी।उन्होंने कहा कि कार्यो को सही ढंग से करते हुए उसे जमीनी स्तर पर लाने से ही यह इलाहाबाद मण्डल को यह मुकाम हासिल हुआ है।
उन्होंने कहा कि हमें और बेहतर ढंग से कार्य करते हुए इलाहाबाद मण्डल की रैंकिग को और ऊपर लाना है। मण्डलायुक्त ने कहा कि कार्यो के सम्बन्ध में दी जा रही रिर्पोटिंग सही हो, उसमें किसी प्रकार की लापरवाही किसी भी स्तर पर न हो इस बात का ध्यान सम्बन्धित अधिकारी अवश्य रखे।
मण्डलायुक्त ने विगत मण्डलीय समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों का अनुपालन के सम्बन्ध में की गयी कार्रवाहियों की जानकारी भी एक-एक जनपदवार अधिकारियों से ली। उन्होंने राजस्व वसूली के बारे जनपदवार जानकारी ली। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित किया आरसी जारी होने के बाद वसूली में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाय। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली के लिए डेडीटेड वसूली कर्मियों को लगाया जाय। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को भी निर्देशित किया कि राजस्व वसूली के प्रकरण की समीक्षा निरन्तर करते हुए राजस्व वसूली को बढ़ाया जाय।
उन्होने मण्डलीय अधिकारियों को सचेत करते हुए बताया कि शासकीय राजस्व की वसूली एक महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व वसूली में लापरवाही करने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए उन्हें कार्यो के प्रति सजग किया जाय। उन्होने कहा कि राजस्व वसूली के लक्ष्य को हर हाल में अगली मण्डलीय समीक्षा बैठक में पूरा किया जाय।
मण्डलायुक्त ने राजस्व वादों के प्रकरणो के निस्तारण में धीमी प्रगति पर असंतोष जाहिर किया। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व वादों के प्रकरणों को शीघ्रता से निस्तारित किये जायें। उन्होने कहा कि वे शीघ्र ही राजस्व वसूली एवं राजस्व वादों के सम्बन्ध मे इलाहाबाद मण्डल के अधिकारियों के साथ वीडियो क्राफ्रेंस करेंगे, जिसमें उपजिलाधिकारी से लेकर तहसलीदार भी वीडियो क्रांफेंस में उपस्थित रहेंगे।
मण्डलायुक्त ने आईजीआरएस के तहत प्राप्त हो रही शिकायतों की समीक्षा करते हुए मण्डलीय अधिकारियों से शिकायतों के निस्तारण में लापरवाह अधिकारियों के विरूद्ध की गयी कार्रवाहियों के बारे में जानकारी ली। उन्होने मण्डलीय अधिकारियों को पूर्व की मण्डलीय समीक्षा बैठक मे दिये गये अपने निर्देशों को स्मरण दिलाते हुए कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाय।
मण्डलायुक्त ने विगत समाधान दिवस मे सोरांव तहसील के औचक निरीक्षण में पायी कमियों के बारे में जिलाधिकारियों को बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवसों पर आने वाले फरियादियों को लाईन मे खड़े रखने की प्रवृति को बदला जाय। उन्होंने कहा कि फरियादियों किस प्रकार से अपनी समस्याओं को अधिकारियो तक पहुंचाने में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, इस तरह का माहौल समाधान दिवसों में विकसित किया जाय।
मण्डलायुक्त ने वृक्षारोपण के लिए कराये जा रहे कार्यो की समीक्षा की। उन्होने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपदों में स्थानों को चिन्हित कर लिया जाय तथा वृक्षारोपण के कार्यो की कार्ययोजना बना ली जाय।
जिस पर वन अधिकारी ने बताया कि स्थानों को चिन्हित कर लिया गया तथा वृक्षारोपण की कार्ययोजना भी बना ली गयी है। मण्डलायुक्त ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण कार्य स्कूलों में भी व्यापक रूप से किया जाय। उन्होने कहा कि वृक्षारोपण में वृक्षों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगायी जाय। उन्होने कहा कि रोपित किये गये पोधों की व्यापक स्तर पर सिचाई व्यवस्था भी की जाय। उन्होने इस हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण के कार्यो का स्कैच चार्ट बनाकर प्रस्तुत करे तथा उसके बाद रोपित पोधों का फोटोयुक्त बुकलेट भी तैयार कर प्रस्तुत की जाय। उन्होंने गेहूं भण्डारण के कार्यो की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि भण्डारण की व्यवस्था उच्च स्तर पर की जाय।
उन्होने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गेंहू भण्डारण की समस्या को अपने स्तर पर न रखते हुए सम्बन्धित उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए समस्या का निस्तारण सुनिश्चित कराया जाय। मण्डल के किसी भी जनपद में गेहूँ खुले में न रहें।
मण्डलायुक्त ने चिकित्सालयों में चिकित्सकों की उपस्थिति की स्थिति का रिर्पोट देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया बिना सूचित के अनुपस्थित रह रहे चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाय। उन्होंने टीकाकरण, स्कूलों की स्थिति, छात्रवृत्ति, पेशन, अमृत योजना, अपशिष्ट प्रबंधन, डोर-डू-डोर कूडा कलेक्शन, ट्रांसफार्मरों की शिफ्टिंग आदि कार्यो की विस्तार से समीक्षा करते हुए समबन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया।


