जौनपुर। राजस्थान में ड्यूटी के दौरान नहर में डूबने से सेना के इंजीनियरिंग कोर के जवान प्रवेश सिंह की मौत हो गई।

उनका पार्थिव शरीर शनिवार की शाम गृह गांव हथेरा पहुंचा तो कोहराम मच गया। अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जुट गए। सूबे के राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव और मछलीशहर के सांसद राम चरित्तर निषाद सहित बड़ी संख्या में लोगों ने पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। प्रवेश की शादी सात माह पहले ही हुई थी।

मदन गोपाल सिंह की तीन संतानों में दो बेटों में दूसरे नंबर पर प्रवेश कुमार सिंह (35) का 23 अगस्त 2002 को सेना के इंजीनियरिंग कोर में चयन हुआ था। बड़े पुत्र मिथिलेश सिंह परिवार के साथ रोजी-रोटी के सिलसिले में मुंबई रहते हैं। तीसरे नंबर की बेटी सारिका सिंह की शादी हो चुकी है। तीन साल पहले प्रवेश कुमार सिंह की तैनाती राजस्थान के पाक की सीमा पर स्थित श्रीगंगानगर में हुई थी। प्रवेश कुमार सिंह वहां रोजाना दो साथी जवानों के साथ रात में आठ से 11 बजे तक इंदिरा नहर की सुरक्षा में तैनात रहते थे। गत आठ फरवरी को ड्यूटी के दौरान प्रवेश सिंह लापता हो गए।

साथी दोनों जवानों ने कैंप पर लौट कर उच्चाधिकारियों को सूचना दी। तभी से प्रवेश सिंह की तलाश सेना युद्धस्तर पर कर रही थी। मंगलवार को नहर से प्रवेश की लाश बरामद हो गई। सेना के अधिकारियों ने देर रात मोबाइल फोन पर घर वालों को इसकी जानकारी दी तो कोहराम मच गया। परिजन के करुण क्रंदन से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
परिजन के प्रवेश सिंह की डूबने से मौत होने की बात गले के नीचे नहीं उतर रही है। उनका कहना है कि प्रवेश सिंह बहुत अच्छे तैराक थे। राम प्रवेश सिंह की शादी सात महीने पहले ही अस्सी घाट (वाराणसी) की जान्हवी सिंह के साथ हुआ था। शादी के बाद विदा होकर आई जान्हवी सिंह दो महीने ससुराल में गुजारने के बाद मायके चली गई थी। तभी से वह मायके में ही है। उसे पति के मौत की सूचना दे दी गई है। जरूरी कागजातों के अभाव में तीन दिन तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। शुक्रवार को व्हाट्सएप पर कागजात भेजे जाने पर पोस्टमार्टम के बाद सायंकाल पांच बजे पार्थिव शरीर वहां से घर के लिए चला था।

शव पर दावे को लेकर विवाद
दिवंगत जवान प्रवेश के पार्थिव शरीर को लेकर पत्नी तथा परिजन की दावेदारी से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। शव लेकर आए सूबेदार कैरेल सिंह जब सिपुर्दगी कराना चाहे तो मायके वालों के साथ आई पत्नी मिली सिंह और परिजन शव लेने के लिए कहासुनी करने लगे। पुलिस ने समझा-बुझाकर किसी तरह स्थिति संभाली। अंतत: पार्थिव शरीर माता-पिता के हवाले कर दिया गया।





