समस्त संकटों को दूर करने वाले हैं श्री हनुमान जी – श्रीमज्जगद्गुरु श्री स्वामी घनश्यमाचार्य जी महाराज

प्रयागराज ( अनुराग शुक्ला )। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर अलोपी बाग में श्री हनुमान जयंती के अवसर पर श्रीमज्जगद्गुरु श्री स्वामी घनश्यामाचार्य जी महाराज के पावन उपस्थिति में श्री हनुमान जी का विधिवत पूजन किया गया,
कोरोना नामक वैश्विक महामारी के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखते हुए ,मंदिर में ही उपस्थित विद्यार्थी एवं आचार्यों के द्वारा हनुमान जी का पूजन किया गया।

पूज्य महाराज श्री ने बताया कि श्री हनुमान जयंती चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को होती है। इस दिन ही हमारे भगवान श्री राम जी के अनन्य भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था। पवनपुत्र के नाम से प्रसिद्ध हनुमान जी की माता अंजनी और पिता केसरी जी हैं ।
इसीलिए हनुमान जी को बजरंगबली, केसरीनंदन और आंजनाय के नाम से भी पुकारा जाता है। वास्तव में हनुमान जी भगवान शिव के 11वें रूद्र अवतार हैं, ये संकटों का नाश करने वाले भी हैं इसीलिए इन्हें संकटमोचन भी कहते हैं।

इस समय संपूर्ण विश्व कोरोना नामक वैश्विक महामारी ने ग्रसित कर रखा है हमारा भारत देश की इस महामारी से संघर्ष कर रहा है पूज्य महाराज श्री ने कहा कि हमारा भारत वर्ष शीघ्र ही इस महामारी से मुक्त हो यही मंगल कामना है क्योंकि हनुमान जी को संकट मोचन कहा जाता है और संकट मोचन अवश्य ही इस संकट को दूर करेंगे पूज्य महाराज श्री ने जनमानस को संदेश देते हुए कहा कि इस हनुमान जयंती के अवसर पर आप सभी श्री हनुमानजी का पूजन तो करें ही साथ में प्रभु श्री राम और मैया जानकी का पूजन अवश्य करें एवं उनसे प्रार्थना करें की हमारे समस्त संकटों को आप दूर करें।
पूज्य महाराज जी ने ये भी कहा कि इस महामारी से बचाव हेतु आप सभी अपने घर पर रहें ।इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमारे भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी आपसे आग्रह किया है एवं संपूर्ण भारतवर्ष को लॉक डाउन किया है अतः आप सभी को चाहिए कि लॉक डाउन के समस्त नियमों का पालन करें अनावश्यक ही घरों से बाहर ना निकले ताकि शीघ्रता से इस महामारी से मुक्ति पाई जा सके । अगर आप लॉक डाउन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं तो आप स्वयं के साथ धोखा कर रहे हैं इसीलिए समस्त नियमों का पालन करते हुए घर पर रहे और घर में रहते हुए भगवान का पूजन करें हनुमान जी से प्रार्थना करें हे प्रभु आप शीघ्र ही इस संकट को दूर करें ।



