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देश में छुआ छूत ख़त्म कराने एवं स्त्री शिक्षा के लिए हमेशा याद किए जाएंगे ज्योतिबा फूले – बासुदेव

प्रयागराज । महान क्रांतिकारी, समाज सुधारक, दार्शनिक ज्योतिराव गोविंद राव फूले को उनकी जयन्ती पर आज याद किया गया । लाक डाउन के चलते अपने – अपने घर में ही उनके चित्र पर फूल अर्पित कर श्रध्दांजलि अर्पित कर समाजवादीपार्टी के नेताओं ने उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके देश के प्रति किए गए एतिहासिक कार्यों को याद करते हुए उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया ।


नि वर्तमान जिला अध्यक्ष कृष्णमूर्ति सिंह एवं महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेख़ार हुसैन, एम. एल. सी. बासुदेव यादव, ने ज्योतिबा फूले को महान क्रांतिकारी, समाजसुधारक बताया l कहा कि देश में छुआ छूत ख़त्म कराने एवं स्त्री शिक्षा के लिए किए गए क्रांतिकारी आंदोलन के लिए उन्हे हमेशा याद किया जायगा l 11 अप्रैल 1827 को पुणे में जन्मे महात्मा फूले के माता का नाम श्रीमती चीमणा बाई तथा पिता का नाम श्री गोविंद राव था ।

उनके घर में फूल मालाओं का कारोबार होने के नाते उन्हे फूले भी कहा जाता था । उनकी शादी वर्ष 1840 में श्रीमती सावित्री बाई फूले के साथ हुई थी l

जिला प्रवक्ता दान बहादुर मधुर ने कहा कि समाज में कमजोर वर्गों, किसानों, मजदूरों, के हक के लिए प्रयास कर उन्होने सत्य शोधक समाज की स्थापना की l अछूतोधार के लिए वर्ष 1888 में ज्योतिबा राव फूले को महात्मा की उपाधि दी गई l महात्मा फूले और उनकी धर्म पत्नी श्रीमती सावित्री बाई फूले के प्रयास से देश में दलितों और स्त्रियों के शिक्षा के लिए पहली पाठ शाला स्थापित की गई ।


ज्योतिबा फूले को श्रद्धांजलि देने वालों में सर्व श्री कृष्णमूर्ति सिंह, सैयद इफ्तेख़ार हुसैन,बासुदेव यादव, पंधारी यादव,के के श्रीवास्तव, नरेंद्र सिंह,दान बहादुर मधुर, दुर्गा गुप्ता, संदीप पटेल, आर. एन. यादव, श्यामलाल पाल, मो अस्करी, दूधनाथ पटेल, योगेश यादव, संतलाल वर्मा, आदि हैं ।

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