एक ही परिवार के 5 लोगों को हत्यारों ने उतारा मौत के घाट

दहकते लावे सा खौल रहा है प्रयागराज सामूहिक हत्याओं को अंजाम देने के ताण्डव से
सीएम योगी ने दिये कड़ी कार्रवाई के आदेश लखनऊ से जांच के लिए रवाना हुई एसटीएफ

हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा सप्ताह भर में हुईं एक दर्जन सामूहिक हत्यायें
प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार ) । जिले के गंगापार इलाकों में एक सप्ताह में हुई बारह नृशंस सामूहिक हत्याओं ने लोगों व पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। अभी हफ्ता भर पहले थाना नवागगंज के खागलपुर गांव में एक ही परिवार के घर के मुखिया समेत चार लोगों के सामूहिक नरसंहार की आग ठण्डी भी नहीं हुई थी और उन हत्याओं का पूरी तरह से राजफाश भी नहीं हुआ है कि 22 अप्रैल को पुनः गंगापार इलाके के थरवई थाना क्षेत्र अन्तर्गत खेवराजपुर गांव में एक ही परिवार के 5 लोगों को हत्यारों ने बड़ी ही बेरहमी के साथ धारदार हथियारों से वार करके मौत के घाट उतारकर सभी को दहला दिया है।
पूरा प्रकरण गंगापार इलाके के थाना थरवई गांव खेवराजपुर के एक ही परिवार के 5 लोगों को बड़ी बेरहमी के साथ अज्ञात हत्यारों के द्वारा सामूहिक रूप से मौत के घाट उतार दिये जाने का है।
*जिले में एक ही सप्ताह में यह दूसरी बड़ी घटना*
प्राप्त जानकारी के अनुसार थरवई क्षानान्तर्गत खेवराजपुर गांव निवासी राजकुमार यादव (55) पत्नी कुसुम यादव (50) पुत्री मनीषा (25) बहू सविता यादव (30) पत्नी सुनील यादव,पोती (2) वर्षीया मीनाक्षी की शुक्रवार की रात बदमाशों ने धारदार हथियारों से अंधाधुंध वार करके एक ही कुनबे के पांच लोगों की बेरहमी से हत्या करने के बाद मकान में आग लगा दी। सिर्फ इतना ही नहीं हैवानियत की सारी हदें को पार करते हुए नरपिशाचों ने पाश्विकता का परिचय देते हुए राजकुमार यादव की गर्भवती बहू सविता और विकलांग बेटी मनीषा के साथ सामूहिक दुष्कर्म अथवा दुष्कर्म करने का प्रयास किया है क्योंकि दोनों के ही अंगों के निचले हिस्से निर्वस्त्र थे।
इनमें से घायल साक्षी (5) अभी भी जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। बेरहम हत्यारों द्वारा सामूहिक हत्याकांड की भेंट चढ़े राजकुमार यादव 2 और 5 वर्षीया मीनाक्षी व साक्षी को भी हैवानियत पर उतारू बदमाशों ने नहीं बख्शा धारदार हथियार से मासूमों पर वार कर दिया मीनाक्षी की मौके पर ही मौत हो गई वह जबकि साक्षी जीवन और मौत से जूझ रही है। किस्मत के धनी राजकुमार यादव के बेटे सुनील यादव को हत्यारे नहीं मार सके क्योंकि सुनील वारदात के समय घर पर मौजूद नहीं था, क्योंकि सुनील गांव से 35 किलोमीटर शहर में प्रयागराज जंक्शन पर पान की दुकान लगाता है और वहीं किराये पर कमरा लेकर रहता है हफ्ते एक दो बार ही अपने घर आता जाता था ऐसे में उसकी जान बच गई, लेकिन सूचना पाकर अपने घर पहुंचे सुनील का परिवार के लोगों के शव देखकर उसका रो रोकर बुरा हाल है।मौके पर घटनास्थल पहुंचे पुलिस के आलाधिकारियों व फोरेंसिक व डाग स्क्वायड की टीम ने जांच पड़ताल के बाद शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा दिया।
वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लिया है और त्वरित कार्रवाई करते हुए लखनऊ एसटीएफ की टीम को सामूहिक हत्याकांड के पर्दाफाश के लिए रवाना कर दिया है। अब सवाल यह उठता है कि प्रयागराज जिले की यह पहली घटना नहीं है इससे पूर्व विगत 16 अप्रैल को नवाबगंज के खगलपुर गांव में गंगापार इलाके के लिए मनहूस साबित शुक्रवार के ही दिन चार लोगों की सामूहिक रूप से नृशंस हत्या कर दी गई थी।
खागलपुर गांव में मूलरूप से कौशांबी जिले के थाना कोखराज गांव भदवां का रहने वाला राहुल तिवारी किराए पर कमरा लेकर सपरिवार डेढ़ माह से रह रहा था। बीते सप्ताह राहुल की पत्नी(38) प्रीती, बेटी माही(12)पीहू (8)व 3 वर्षीया कुहू की भी उपरोक्त तरीके से धारदार हथियार से सामूहिक हत्या की गई थी। खुद घर के मुखिया राहुल तिवारी का शव फंदे से लटका मिला था घटनास्थल से सुसाइड नोट भी मिला था। उक्त मामले का अभी पूरी तरह से खुलासा नहीं हो पाया है कि इस दूसरी वीभत्स दिल दहला देने वाली घटना ने लोगों और पुलिस प्रशासन हिलाकर कर रख दिया है।




