देश की आयुध निर्माणियां संकट की घड़ी ने देश के साथ, सरकार के पास प्रशंसा के दो शब्द भी नहीं
प्रयागराज (अनुराग शुक्ला ) कुछ दिनों पहले निगमीकरण के लिए सामूहिक दबाव सरकार ने बनाया था आज वही संस्था देश की सेवा के लिए देश के नागरिको को बचाने के अभियान में देश के साथ अपनी कोरोना वायरस के आपदा में देश वासियों के लिए खड़ा है।
राष्ट्रीय आपदा के समय देश की 41 आयुध निर्मानीया देश के साथ ।। हिंद मजदूर सभा के साथ कंधे के साथ खडी़ आल इंडिया डिफेंस इम्पलाईज फडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री एस0 एन0 पाठक एम्पलाइजए तथा महासचिव सी श्री कुमार ने सर्कुलर के माध्यम से जानकारी दी है ।
देश इस समय कोविड 19 महामारी के संक्रमण के दौर से गुजर रहा है । देश के कई राज्यों में कर्फ्यू लगाया जा चुका है। रेल बस हवाई अड्डे सब बंद है । पूरा देश थमा हुआ है सावधानी बतौर कुछ आयुध निर्माणी पूर्णत तथा कुछ आंशिक तौर पर बंद की गई है। राष्ट्रीय आपदा के इस समय में आयुध निर्माणी संगठन का कर्मचारी देश की जनता के साथ खड़ा है । देश की 41 आयुध निर्माणीयों में विभिन्न तरह के रक्षा आयुध तथा उपकरण बनाए जाते हैं ।
आज देश को बहुत अधिक मात्रा में संक्रमण रोधी मास्क, ओवरऑल, सैनिटाइजर तथा जीवन रक्षक वेंटिलेटर की बहुत ज्यादा आवश्यकता है। देश की इस आवश्यकता को पूरा करने में आयुध निर्माणीया भी अपना सहयोग देंगी । आयुध निर्माणी आवडी तथा शाहजहांपुर फेस मास्क बनाएंगे , उपस्कर आयुध निर्माणी कानपुर ओवरऑल ड्रेस तथा टेंट बनाएंगी, आयुध निर्माणी मेंढक वेंटिलेटर बनाएगी, आयुध निर्माणी खमरिया तथा इटारसी हैंड सैनिटाइजर बनाएंगी । आयुध निर्माणी में युद्ध स्तर पर उत्पादन शुरू करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।
कुछ आयुध निर्माणीयों ने अपने स्तर पर उत्पादन शुरू कर स्थानीय प्रशासन को फौरी तौर पर बचाव सामग्री उपलब्ध कराना शुरू भी कर दिया है किला ओ0डी0फोट कर्मचारीयूनियन यूनियन के महामंत्री श्री योगेश चंद्र यादव ने कहा कि आज प्राइवेट लोग या रक्षा क्षेत्र के ब्यापारी अडानी व अबानी और महिंदा जैसे रक्षा उधोग को खरीदने विलो को देश के अनुकुल समय मे ये लोग लाभ कमाने के दम खम भरने के सपने देखने वाले आज देश वासियों के लिए आगे आना चाहिए ये लोग सोये है क्या केवल लाभ के सपने देखने के आईने को बदले हिंद मजदूर सभा के जिला पदाधिकारी योगेश चंद्र यादव ने कहा कि आयुध निर्माणीयो के कर्मचारी को देश के लिए उत्कृष्ट कर्तव्य निष्ठा योगदान के लिए हम सभी तहे दिल से अभिनंदन करते हैं, और रक्षा क्षेत्र के उधोग जो देश के पांचवें स्तंभ के कामगारों को धन्यवाद सरकार को देना चाहिए लेकिन सरकार ने रक्षा क्षेत्र के कामगारों के साथ धोखा दिया है और आयुध निर्माणी बोर्ड को पूर्व के राष्ट्रपति श्री के आर नारायण ने संसद में भूरी प्रंशसा की है और हमारे पडोसी मित्र देश सो0वि0संघ रूस ने 1962 मे चीन से हारने के बाद में चमे भारत सरकार को रक्षा क्षेत्र में आत्म निर्भर बनाने के लिए बहुत सारा वितिय सहायता और इसथापित प्रणाली मे बल दिया था



