जांच कमेटी ने इविवि के पूर्व वीसी के खिलाफ कसा शिकंजा, प्रो. हांगलू के खिलाफ 17 बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. आरएल हांगलू के खिलाफ मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की जांच कमेटी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने प्रो. हांगलू पर लगे वित्तीय, प्रशासनिक और शैक्षणिक अनियमितता के आरोपों के संबंध में 17 बिंदुओं पर इविवि से जवाब तलब किया है।
इविवि प्रशासन भी बिंदुवार जवाब तैयार करने में जुट गया है। जल्द ही 17 बिंदुओं पर रिपोर्ट बनाकर जांच कमेटी को भेज दिया जाएगा। कमेटी रिपोर्ट से संतुष्ट रहेगी तो दोबार इविवि नहीं आएगी।
अन्यथा कमेटी इविवि आकर रिपोर्ट संबंधी जानकारी खुद जुटाएगी। इसके बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट मंत्रालय के पास भेज देगी।
ज्ञात हो कि पूर्व वीसी प्रो. हांगलू पर तमाम तरह के आरोप लगे थे। उनके इस्तीफे के बाद आरोपों की जांच के लिए विजिटर यानी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के निर्देश पर 3 जनवरी 2020 को जांच कमेटी गठित की गई थी। कमेटी के चेयरमैन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विवि (इग्नू) के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव के अलावा दो सदस्य गुजरात केंद्रीय विवि के कुलपति प्रो. रमाशंकर दुबे और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विवि अमरकंटक (मध्य प्रदेश) के कुलपति प्रो. प्रकाश मणि त्रिपाठी तीन बार जांच के लिए प्रयागराज आ चुके हैं। कमेटी के पास प्रो. हांगलू के खिलाफ तमाम शिकायतें पहुंचीं। इविवि के पूर्व शिक्षकों के एक समूह ने भी प्रो. हांगलू के खिलाफ करीब 40 फाइलें जांच कमेटी को सौंपी। जांच कमेटी के नोडल अधिकारी एवं रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल ने बताया कि जांच कमेटी ने इविवि से 17 बिंदुओं पर जवाब मांगा है। कोरोना वायरस के चलते काम कुछ विलंब हो गया है।
अधिकांश सवालों का जवाब लगभग तैयार किया जा चुका है। जल्द ही कमेटी को भेज दिया जाएगा।



