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आयुध निर्माणीयो के विरोध में प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल कर्मचारियों द्वारा समर्थन

प्रयागराज । किला ओ 0डी 0 फोर्ड कर्मचारी यूनियन के महामंत्री श्री योगेश चंद्र यादव ने तीन फैडरेशन के संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस जो ऑल इंडिया डिफेंस इम्पलाईज फेडरेशन के रास्टीय महामंत्री श्री कुमार द्वारा मिली जानकारी से प्राप्त को प्रेस मीडिया को बताया कि रक्षा क्षेत्र के के तीनों महासंघो ऑल इंडिया डिफेंस इम्पलाईज फेडरेशन ।


इंडियन नेशनल डिफेंस वर्कर्स फेडरेशन ।
और भारतीय प्रतिरक्ष संघ। जो रक्षा क्षेत्र में अधिकृत भारत सरकार और रक्षा मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है और
रक्षा क्षेत्र के कामगारों के लिए पूरे देश में वोटिंग करा कर कर्मचारियों के बड़ी संख्या में समर्थन प्राप्त करने की के उपरांत हड़ताल का फैसला किया ।


भारत सरकार सरकार ने एकतरफा फैसला करते हुए भारतीय आयुध निर्माणीयो को निजीकरण करने की दिशा में करने के लिए एक तरफा फैसला किया जिससे पूरे भारतीय रक्षा कामगारो के 82 हजार रक्षा कामगार असंतोष की भावना व्याप्त हो गई

और उन्होंने जन आंदोलन करने का फैसला किया इसके पूर्व की सरकारों ने आयोजनों के भविष्य को अपने और आगे से जितने भी रक्षा मंत्री स्व 0जॉर्ज फर्नांडिस श्री ए0एंटोनी स्व0 मनोहर पारिकर ने भविष्य में ऐसा ना करने का बात कही थी ,लेकिन देश के प्रधानमंत्री और देश के रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री जो खुद पहले रक्षा मंत्री भी थी उन्हों नेआयुध निर्माणीयोको कॉर्पोरेट घरानों को सौपने के लिए जो मन बनाया है

उसको रक्षा कामगार एक साथ पूरे भारत में मिलकर सरकार के इस फैसले का विरोध करेंगे ।और देश और आयुध निर्माणीयो के कामगारों एक साथ व्यापक आंदोलन और हड़ताल करेंगे यह बाकी पत्र भारत सरकार और शासन को भेज दिया गया है
ऑल इंडिया डिफेंस इंप्लाइज फेडरेशन ऑल इंडियन नेशनल डिफेंस वर्कर्स फेडरेशन के साथ भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ जो भारत सरकार और रक्षा मंत्रालय में पंजीकृत है और कामगारों के लिए ए तीनों फेडरेशन प्रथम द्वितीय त्तृतीय फोरम में अपनी उपयोगिताऔर कर्मचारी की बात रखते है

अगर रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कोई फैसला करना होता है तो आईएलओ या कलेक्टिव बारगेनिंग के साथ-साथ जो भी प्रस्ताव पारित होता है आई0एल0 ओ0 के त्रिपक्षीय वार्ता में अपनी भूमिका निभाते है ।
लेकिन सरकार के द्वारा 41 आयुध निर्माणीयो का निगमीकरण करने तथा उनके शेयर में सूचीबद्ध भी करने के बारे में लिए गए मन बनाये है और संवैधानिक एवं अन्याय पूर्ण निर्णय से आई कोविंट -19में कार्य करने वाले 82000 कामगारों बहुत ज्यादा आक्रोशित आंदोलित हैं

भारत सरकार का निर्णय रक्षा मंत्रियों चौकी जॉर्ज फर्नांडिस स्वर्गीय मनोहर पारिकर स्वीपर मुखर्जी के समक्ष पूर्व की रक्षा मंत्रियों को दिए गए प्रतिवेदन ओं के रूप से उल्लंघन है क्योंकि महासंघ के द्वारा माननीय प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री के दिए गए प्रतिवेदन उत्तर भी सभी 41 और नीतियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है

और अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए मतदान कराया गया है जिसमे99% समर्थन मिलि

निगमीकरण करने के वादे में सरकार के द्वारा लिए गए निर्णय के विरोध में आयुध निर्माणी यों के कर्मचारियों के द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का स्पष्ट जनादेश दिया गया है इसलिए रक्षा क्षेत्र के तीनों महासंघ के द्वारा इस मामले पर आपस में चर्चा की और निर्णय लियागई और यह निर्णय लिया गया की कोविट -19 लॉक डाउन की परेशानी को संज्ञान में लेते हुए पूरे देश के कामगार जहां-जहां आयुध निर्माणी है जैसे उत्तर प्रदेश कानपुर शाहजहांपुर अमेठी अमेठी महाराष्ट्र में खिड़की नालंदा देहरादून उड़ीसा बंगाल नागपुर मध्य प्रदेश जबलपुर और कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के साथ पूरे देश के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल को प्रारंभ आरंभ की तिथि के निर्णय जुलाई के दूसरे सप्ताह के लिए जाएंगे और सभी सेंट्रल ट्रेड यूनियन जैसे हिंद मजदूर सभा ने बेहद रूप से इस आंदोलन में कामगारों के पक्ष में अपना समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध आगाज दें का ऐलान किया है।
ऑल इंडिया डिफेंस इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हर कीमत पर निगमीकरण के फैसले को कामगार अपने प्रदर्शन और जुझारू जज्बे से यह निर्णय वापस कराने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदर्शन के कार्यक्रम में विरोध और आम सभा का आयोजन करना जारी रखेंगे।

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