नहीं किया जाए छात्रों का उत्पीडऩ: मेडिकल कॉलेज द्वारा फीस बढ़ाने का मामला

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर हापुड़ के छात्रों की फीस बढ़ाने के मामले में दाखिल याचिका यह कहते हुए निस्तारित कर दी कि फीस वसूली आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की जाए और अपील तय होने या छह सप्ताह तक छात्रों का किसी प्रकार का उत्पीडऩ न किया जाए।
कोर्ट ने छात्रों को अपील दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया है और कहा है कि सक्षम अधिकारी चार सप्ताह में अपील तय करें। यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता एवं न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने डॉ किंगशुक कार व 18 अन्य की याचिका पर दिया है ।
एमबीबीएस उत्तीर्ण याचियों को नीट में सफल घोषित होने के बाद काउंसिलिंग में कॉलेज आवंटित किया गया। उन्होंने फीस जमा कर पीजी कोर्स में प्रवेश लिया है।
31 अगस्त 2020 के आदेश से सात मेडिकल कॉलेजों की फीस बढ़ा दी गई है। उनसे छह लाख 29 हजार 624 रुपये अतिरिक्त शिक्षण शुल्क की मांग की जा रही है। कहा गया कि याचियों का पक्ष सुने बिना आंकलन कर मनमाने तरीके से फीस बढ़ाई गई है।
राज्य सरकार के अधिवक्ता बीपी सिंह कछवाहा ने कहा कि याचियों को ऐसे आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने का विकल्प प्राप्त है, याचिका पोषणीय नहीं है। इस पर कोर्ट ने अपील तय होने तक उत्पीडऩात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।




