पत्राचार संस्थान कर्मी निकाल सकेंगे सीपीएफ की धनराशि

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पत्राचार संस्थान कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। कर्मचारी अपने कंट्रीब्यूट्री प्रोविडेंट फंड (सीपीएफ) की धनराशि अब निकाल सकते हैं।
इविवि: कुलपति के निर्देश पर रजिस्ट्रार ने जारी किया भुगतान का आदेश
कुलपति प्रो. आरआर तिवारी के निर्देश पर रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल ने तकरीबन नौ करोड़ रुपये के भुगतान का आदेश जारी कर दिया है। पत्राचार संस्थान के सभी कर्मचारियों से आवेदन मांगे गए हैं।
मालूम हो कि इविवि के पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के निर्देश पर रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल ने छह सितंबर 2016 को नोटिफिकेशन जारी कर शैक्षिक सत्र 2016-17 से पत्राचार संस्थान की सभी शैक्षिक गतिविधियों पर रोक लगा दी थी।
संस्थान कर्मियों की ओर से दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने मई 2018 में रजिस्ट्रार के रोक संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया था। संस्थान की सहायक निदेशक रेखा सिंह की ओर से दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने वेतन-भत्ते का भुगतान करने के आदेश दिए थे।
इविवि ने हाईकोर्ट के इस आदेश का अनुपालन करने की बजाए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट में खारिज कर दिया गया था। इसी बीच पिछले वर्ष 26 जुलाई को हुई कार्य परिषद की बैठक में सदस्यों के विरोध के बाद भी संस्थान बंद करने का निर्णय ले लिया गया था। इस विवाद के चलते कर्मचारियों का तकरीबन 30 करोड़ रुपये वेतन के अलावा सीपीएफ फंस गया। कर्मचारियों ने कई बार कार्यवाहक कुलपति से मिलकर बकाया वेतन का भुगतान और उन्हें इविवि में समायोजित करने की मांग की। कोरोना काल में इविवि प्रशासन ने इन कर्मचारियों को कुछ राहत दी है। अब कर्मचारियों के कागजात जमा किए जाएंगे। जिसका सत्यापन होगा। सत्यापन के बाद सीपीएफ का भुगतान किया जा सकेगा।


