किसानों को ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे देश का अहित हो- महामंडलेश्वर सत्यम

( अनुराग शुक्ला/आनंत पांडे )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। किसान अन्नदाता है, वह देश का पेट भरता है। उसे अपने हक में आवाज उठाने का पूरा अधिकार है। सरकार से बातचीत के जरिए आंदोलन का समाधान निकालना चाहिए। किसानों को देश विरोधी ताकतों और वोट की इच्छा से उनको समर्थन दे रहे राजनीतिक दलों से सावधान रहना चाहिए। उन्हें ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे देश का अहित हो और दुनिया में देश की छवि खराब हो। यह बातें ओम वाहेगुरु आश्रम के महंत महामंडलेश्वर स्वामी सत्यम जी महाराज ने दो महीने से भी अधिक समय से चल रहे किसान आंदोलन के संदर्भ में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही। स्वामी जी ने कहा कि जब सरकार किसानों की मांगों पर विचार कर रही है। कृषि कानूनों को डेढ़ साल तक निलंबित करके कमेटी के जरिए किसानों की आपत्तियों को दूर करने को तैयार है तो किसानों को भी बड़ा दिल दिखाना चाहिए। जिद छोड़ कर आंदोलन खत्म कर देना चाहिए। सभी पक्षों को कमेटी के सामने अपनी बात रखनी चाहिए और कोई सार्थक नतीजा निकालना चाहिए। सरकार और किसानों के बीच टकराव अच्छा नहीं है। सरकार को किसानों के लिए जो बेहतर हो सके करना चाहिए और किसानों को भी सरकार पर भरोसा करना चाहिए। वह देश के जिम्मेदार नागरिक हैं इसलिए उन्हें भी संसद और संविधान की मर्यादा का ध्यान रखना होगा। कानून संसद में बने हैं, ऐसे में एक सिरे से उन्हें रद्द करने की मांग करना उचित नहीं है। सत्यम जी महाराज ने इस बात की भी आशंका जताई कि भारत विरोधी ताकते किसान आंदोलन का लाभ उठाने की कोशिश कर सकती हैं, ऐसे में सरकार और हमारी खुफिया एजेंसियों को सतर्क रहने और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।




