Latest

सिंचाई के लिए बिजली न देना अनुच्छेद 19 का उल्लंघन

(अनंत पांडे) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत देते हुए विद्युत कंपनियों को सिंचाई के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने तथा सभी जिलाधिकारियों को ट्यूबवेलों की मरम्मत व देखरेख करने का निर्देश दिया है।

बिजली आपूर्ति अनवरत जारी रखने और ट्यूबवेल की मरम्मत का निर्देश

कोर्ट ने कहा कि खेती की सिंचाई के लिए बिजली न देना संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लंघन है। इससे कृषि व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। कोर्ट ने कहा कि सरकारी एजेंसी का दायित्व है कि खेती की सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति अनवरत जारी रखे और ट्यूबवेल की मरम्मत व देखरेख करे। इसी के साथ कोर्ट ने जिलाधिकारी बांदा को बछेहरा गांव स्थित पिपरी ट्यूबवेल की देखरेख करने का आदेश दिया है।
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की खंडपीठ ने नाथू प्रसाद कुशवाहा व 14 अन्य की जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याची का कहना था कि ट्यूबवेल का कनेक्शन अक्सर कटा रहता है।ट्यूबवेल की भी मरम्मत नहीं की जाती। मरम्मत के लिए कोई एजेंसी ही नहीं है।जिससे खेती के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है और फसल को भारी नुकसान हो रहा है। कोर्ट ने सरकार से जानकारी मांगी तो बताया गया कि विद्युत कनेक्शन जोड़ दिया गया है। याची ने कहा कि अक्सर कनेक्शन कट जाता है और मरम्मत नहीं की जाती।इस पर कोर्ट से प्रदेश की सभी विद्युत वितरण कंपनियों और सभी जिलाधिकारियो को निर्देश दिया कि सिंचाई के लिए विद्युत आपूर्ति निर्बाध रूप से चालू रखी जाए।

Related Articles

Back to top button