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महान क्रांतिकारी सुखदेव थापर ने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए स्वयं को कुर्बान किया- राजेश केसरवानी

( विनय मिश्रा ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। अमर शहीद क्रांतिकारी श्रद्धांजलि ग्रुप के द्वारा महान क्रांतिकारी सुखदेव थापर जी की 114 वीं जन्म जयंती मुट्ठीगंज कार्यालय में मनाई गई
इस अवसर पर भाजपा मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी के क्रांतिकारी सुखदेव थापर जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए इस अवसर पर उन्होंने क्रांतिकारी सुखदेव जी के जीवन चरित्र दर्शन डालते हुए कहा कि सुखदेव ने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए स्वयं को कुर्बान कर दिया था उनका जन्म 15 मई 1907 को पंजाब के लुधियाना शहर में हुआ था उन्होंने बचपन से ही ब्रिटिश हुकूमत की जुल्म को देखा और इसी के चलते व गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए मातृभूमि को स्वतंत्र कराने के लिए क्रांतिकारी बन गए बचपन से ही सुखदेव के मन में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी थी और लाहौर के नेशनल कॉलेज में युवाओं में देशभक्ति की भावना भर कर और उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के लिए प्रेरित किया करते थे सन 1928 के घटना के लिए सुखदेव का नाम प्रमुखता से जाना जाता है ।

जब क्रांतिकारियों ने लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए ब्रिटिश हुकूमत के कारिंदे पुलिस उपाधीक्षक जेपी सांडर्स को मौत के घाट उतार दिया था इस घटना ने ब्रिटिश साम्राज्य को हिला कर रख दिया था और पूरे देश में क्रांतिकारियों की जय जयकार होने लगी थी।

और आगे कहा कि ब्रितानिया हुकूमत को अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों से दहला देने वाले राजगुरु सुखदेव और भगत सिंह को मौत की सजा सुनाई गई और 23 मार्च 1931 को तीनों क्रांतिकारी हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए और देश के युवाओं के मन में आजादी पाने की नई झलक पैदा कर गई।

इस अवसर पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में मुख्य रूप से अभिलाष केसरवानी सचिन गुप्ता आलोक वैश्य अजय अग्रहरी सुनील केसरवानी दीपक केसरवानी किशन चंद जायसवाल नीरज केसरवानी आदि रहे।

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