रोस्टर पर फर्जी दस्तखत के जरिए तमाम टीटीई के घर बैठे वेतन-भत्ता लेने का घोटाला

रेलवे अफसरों के लिए बना मुसीबत, फर्जी ड्यूटी लगाकर रोस्टर पर हस्ताक्षर करीब 11 टीटीई और अन्य कर्मचारियों ने फर्जी ड्यूटी की बात मानी
( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर मध्य रेलवे रोस्टर घोटाले की जांच कर रहे अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए बताया की जांच रिपोर्ट से साफ हुआ है कि फर्जी ड्यूटी लगाकर रोस्टर पर हस्ताक्षर कराए गए। करीब 11 टीटीई और अन्य कर्मचारियों ने फर्जी ड्यूटी की बात मानी है। सबसे बड़ी बात रेलवे अफसर को एकाउंट में रिश्वत की रकम देने की बात भी खुल गई है। जांच कर रहे रेलवे अफसरों ने जो रिपोर्ट तैयार की है, उससे साफ है कि रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर के जरिए रेलवे में लाखों का खेल हुआ। सूत्रों से ज्ञात हुआ है । मैडम और ऐसे टी टी ई लगभग 110 है । जो मंडल से लेकर सभी सभी अधिकारियों तक लाइजनिंग बनाई जाती थी । जो जांच को लगातार प्रभावित कर रही है । यह जांच रिपोर्ट से तमाम टीटीई और अन्य कर्मचारी फंस रहे हैं। ऐसे में जांच रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए जाने लगे हैं। फर्जीवाड़े से पर्दा उठने के बाद रेलवे ने विभागीय जांच शुरू कराई। गोपनीय जांच में सीआईटी रोस्टर, सीआईटी लाइन का बयान दर्ज हुआ। सीआईटी रोस्टर को तो निलंबित कर दिया गया। फिर दोनों अधिकारियों को चार्जशीट दी गई। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि तमाम टीटीई और अन्य स्टाफ की फर्जी ड्यूटी का मामला पकड़ गया। बयान में टीटीई ने कबूल किया कि उनकी ड्यूटी गलत दिखाई गई। इसके लिए एकाउंट में रुपये डाले गए।
रोस्टर पर फर्जी दस्तखत, ट्रेनों में फर्जी ड्यूटी लगाने, रिश्वत की रकम एकाउंट में मंगाने के इस मामले की शिकायत पीएमओ, रेल मंत्रालय और विजिलेंस से की गई है। विभागीय जांच शुरू कर तत्काल कार्रवाई होने लगी। पहले सीआईटी रोस्टर, सीआईटी लाइन तक ही मामला सीमित था लेकिन अब बड़े अधिकारियों का नाम भी घसीटा जाने लगा है। रेलवे के आला अफसर इस अहम मुद्दे पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। अनुराग दर्शन समाचार के पास रेलवे की जो जांच रिपोर्ट आई है, उससे साफ हो गया है कि टीटीई ही नहीं अन्य कर्मियों ने भी फर्जी ड्यूटी, रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर की बात कबूली है। यहां तक की इसके लिए किस खाते में रुपये डाले गए वह भी रेलवे अफसरों को बयान के दौरान नोट कराया गया है। इसी आधार पर रेलवे अधिकारी आगे की कार्रवाई कर रहे हैं। प्रयागराज में इस खेल का खुलासा होने के बाद झांसी, कानपुर, टूंडला, आगरा आदि में भी रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर को लेकर जांच होने लगी है। विजिलेंस जांच की प्रक्रिया की तेजी गति पकड़ते हुए झांसी कानपुर टूंडला आगरा मंडलों में अधिकारियों के बीच खलबली मची हुई है । वही अब स्टेशनों पर टी टी ई नजर आने लगे हैं। विजिलेंस टीम की जांच के बाद सभी अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है । वही शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री कार्यालय और रेल मंत्रालय को लिखित शिकायत दर्ज कराई है। जिसकी जांच विजलेंस कर रही है ।




