विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश पुलिस की निगरानी के बजाए केंद्रीय सुरक्षा बलों की निगरानी में कराया जाए- कांग्रेश

(अनुराग शुक्ला )लखनऊ ( अनुराग दर्शन समाचार)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल आज मुख्य चुनाव आयुक्त से मिला। जिसमें ओमकार नाथ सिंह वीरेंद्र मदान व अनस खान एडवोकेट शामिल थे उन्होंने चुनाव आयोग से यह मांग की की आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश पुलिस की निगरानी के बजाए केंद्रीय सुरक्षा बलों की निगरानी में कराया जाए। क्योंकि उत्तर प्रदेश शासन व पुलिस की निष्पक्षता पर लगातार प्रश्न चिन्ह उठे हैं चाहे वह सोनभद्र के उम्भा का आदिवासियों पर गोली चलाने का मामला हो या हाथरस कांड हो या लखीमपुर खीरी का कांड हो या शाहजहांपुर और उन्नाव का मामला रहा हो। उसमें उत्तर प्रदेश की पुलिस की भूमिका संवैधानिक और नैतिक नहीं थी। उन्होंने अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी पर यह आरोप लगाते हुए कि जिस प्रकार से अवस्थी केंद्रीय मंत्रियों के ट्वीट को रीट्वीट करके सरकारी पद का दुरुपयोग कर रहे हैं वह किसी से छिपा नहीं है काशी विश्वनाथ मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर जो ट्वीट अवस्थी ने किए और साथ ही अन्य सरकारी योजनाओं पर रि-ट्वीट करके सरकार का लगातार महिमामंडन करते रहे। वह एक सरकारी अधिकारी को कतई शोभा नहीं देता। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था उनके हाथ में है। ऐसे में उनकी कानून व्यवस्था में निष्पक्ष चुनाव होना मुमकिन नहीं इसलिए प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्य निर्वाचन आयुक्त से उनके स्थानांतरण की मांग की है। चुनाव आयोग से यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि कि चुनाव में जितने भी प्रदेश के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी चुनाव से संबंधित काम में लगे हैं उनको अवनीश अवस्थी कोई आदेश न दे सके बेहतर होगा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के पहले उनका स्थानांतरण कर दिया जाए।


