वादा करके मुकर गये अफसर, हटायी गईं बेरिकेड्स, एक दर्शनार्थी गंगा में डूबा

विन्ध्याचल/मीरजापुर ( अनुराग दर्शन समाचार ) । बासंतिक नवरात्र की तैयारियों से लेकर नवरात्र के समापन बैठक तक अधिकारियों ने भरोसा जताया था कि गंगाघाटों की बैरिकेटिंग , साफ सफाई , पेयजल के साथ कुछ पुलिसबल की तैनाती पूर्णिमा अर्थात 17 अप्रैल तक बनी रहेगी। लेकिन अधिकारी जैसे ही नवरात्र की अंतिम बैठक में सबको धन्यवाद ज्ञापित कर मेलाक्षेत्र से दूर हुए सारी व्यवस्थाएं नदारद हो गईं। स्नानार्थियों के जीवन रक्षा के लिए जो बांस, बल्लियाँ पानी के अंदर बैरिकेटिंग के रूप में लगाई गई थीं उन्हें हटा दिया गया। भला हो नाविकों का जिन्होंने सात में से छह लोगों की जिंदगियां बचा ली। वरना लापरवाह जिला प्रशासन मौतों का ठीकरा फिर किसी के सिर फोड़ देता। अरबों रुपये खर्च करके जिन दर्शनार्थियों को धार्मिक स्थल को विकसित कर रिझाने का काम विन्ध्य कॉरिडोर के रूप में प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है , उन्ही श्रद्धालुओं के जीवन की सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रही। प्रति वर्ष दर्जनों श्रद्धालु माँ गंगा की गोद मे समाहित हो जाते है लेकिन बेपरवाह प्रशासन घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस प्रबन्ध नही कर पा रहा है।


