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गुरु पूर्णिमा पर्व : गुरु पर समर्पण के साथ गुणगान ही शिष्यत्व का प्रमाण

कुरुक्षेत्र ( अनुराग दर्शन समाचार ) समस्त सनातनी बंधुओं आषाढ़ मास की पूर्णिमा जो कि गुरु पूर्णिमा के नाम से विख्यात है यह दिन श्री गुरु भगवान के चरणों में समर्पित है गुरु पूर्णिमा पर श्री गुरुदेव के दर्शन मात्र से समस्त सुख एवं समस्त सिद्धि प्राप्त होती हैं जो भक्त गुरु पूर्णिमा पर किसी कारणवश गुरु दरबार में न जा सके उनको अपने घर पर ही श्री गुरुदेव भगवान की चरण पादुका का पूजन करना चाहिए ।
शास्त्र एवं विद्युतजन कहते हैं श्री गुरुदेव भगवान के बिना जीव की मुक्ति संभव नहीं श्री गुरुदेव भगवान का मात्र एक वचन है जीव की मुक्ति का कारण बन सकता है संत कहते हैं जिसने जीवन मात्र में गुरु धारण नहीं किया वह मनुष्य कहलाने का अधिकारी नहीं क्योंकि गुरु ज्ञान का प्रतीक होते हैं और संत कहते हैं मनुष्य वही है जो ज्ञान को धारण करता है (ज्ञानम यत मनुष्याणां) जिसके पास ज्ञान नहीं वह पशु के समान बताया गया है इसलिए अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करने वाले ज्ञान रूपी प्रकाश को प्रदान करने वाले गुरुदेव भगवान की शरण हर जीव को लेनी चाहिए ।
इन्हीं शब्दों के साथ आप समस्त सनातनी बंधुओं को गुरु पर्व गुरु पूर्णिमा की अनंत अनंत कोटि शुभकामनाएं सभी पर श्री गुरुदेव भगवान का पावन आशीर्वाद बना रहे है।

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