राज्यपाल ने विवि में नियुक्त किये कुलपति, जानिये किसे मिली कहां की कमान
लखनऊ। राज्यपाल राम नाईक ने उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय इलाहाबाद, हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय कानपुर, छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर तथा नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज, फैजाबाद में नए कुलपति नियुक्त किए हैं।राज्यपाल की प्रमुख सचिव जूथिका पाटणकर
ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में भूगोल के विभागाध्यक्ष प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह को उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है।
लखनऊ के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. नरेन्द्र बहादुर सिंह को हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय कानपुर का कुलपति बनाया गया है। बरेली के ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पशु विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो. नीलिमा गुप्ता को कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है।
वहीं भारतीय कृषि एवं अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के पूर्व उप महानिदेशक प्रो.जीसी संधु को नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज, फैजाबाद का कुलपति नियुक्त किया गया है। सभी कुलपतियों की नियुक्ति विश्वविद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्ष की अवधि के लिए की गई है।
प्रो. नीलिमा गुप्ता मूलरूप से अलीगढ़ की निवासी हैं। वर्ष 1955 में इंजीनियर एमसी वाष्ण्रेय के घर जन्मी प्रो. गुप्ता की स्कूली शिक्षा कोलकाता में हुई, जबकि बीएससी से लेकर पीएचडी तक एएमयू से की। वर्ष 1975 में उन्होंने रुहेलखंड विश्वविद्यालय के संस्थापक सदस्य के तौर पर एनिमल साइंस विभाग से अपना करियर शुरू किया था। वर्तमान में वह विश्वविद्यालय की डीएसडब्ल्यू है। 38 साल के करियर में उन्हें देश-दुनिया में करीब 55 मेडल मिल चुके हैं। उनकी छह किताबें और 200 रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए हैं। पिछले साल रिटायरमेंट से पहले प्रदेश सरकार ने उन्हें उच्च शिक्षा के पहले सरस्वती सम्मान से नवाजा था।
इसी से उनका सेवाकाल दो साल बढ़ा है। इनके पति डॉ. डीके गुप्ता बरेली कॉलेज के जूलॉजी विभाग से बतौर एसोसिएट पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।नवनियुक्त कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ’’ नवनियुक्त कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता बोलीं1’ शिक्षा का तीन श्रेणी में हो बंटवारा1अंतरराष्ट्रीय लैबोरेटरी बनेगी1प्रो. गुप्ता ने कहा कि ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज के इतर विकासशील देशों की विवि से करार करेंगे। उनके छात्रों को अपने यहां पढ़ने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। कैंपस में रिसर्च और अकादमिक स्तर पर फोकस रहेगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की लैबोरेटरी स्थापित कराई जाएगी।



