कोई ऐसी तकनीक न आ जाए, जो गाँव को ही नष्ट कर दे : प्रो. पीएन पांडेय

इलाहाबाद। प्राचार्य, कुलभास्कर आश्रम पी0जी0 कालेज, इलाहाबाद की विज्ञप्ति अनुसार सोसाइटी आॅफ बाॅयोलाॅजिकल सांइसेस एण्ड रूरल डेवल्पमेण्ट, इलाहाबाद तथा कुलभास्कर आश्रम पी0जी0 कालेज, इलाहाबाद के संयुक्त तत्वाधान तथा भारतीय प्राणी सर्वेक्षण संस्थान, कलकत्ता एवं पर्यावरण तथा समाजिक उन्नति संस्था, इलाहाबाद के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उ0प्र0 सरकार) द्वारा वित्त पोषित एक सप्ताह की कार्यशाला रिसेण्ट टेक्नोलाॅज़ी फार फूड सेक्यूरिटी एण्ड रूरल डेवल्पमेण्ट का उद्घाटन सोमवार को बाॅयोटेक्नोलाॅज़ी सेमिनार हाल, कु0आ0पी0जी0 कालेज, इलाहाबाद में हुआ। इस समारोह में सभी अतिथियों का स्वागत इस महाविद्यालय के प्राचार्य डा0 ज्योति शंकर ने किया।
डा0 हेमलता पन्त, सचिव, साइंसेज़ आॅफ बाॅयोलाॅजिकल साइंसेस एण्ड रूरल डेवल्पमेण्ट ने संस्था के बारे में तथा कार्यशाला के बारे में जानकारी दी। भारतीय प्राणी सर्वेक्षण संस्थान, कलकत्ता से वैज्ञानिक डा0 संदीप कुशवाहा, को0 आग्रनाजिक सेक्रेटरी ने जे0एस0आई0 एवं ई0एस0डब्ल्यू, यू0पी0 चैप्टर के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो0 पी0एन0 पाण्डेय ने अपने उद्घोष में कहा कि- हमारे देश की जनसंख्या निरन्तर बढ़ रही है, जिस कारण हम उसकी आहार व्यवस्था हेतु रसायन मुक्त खेती या परम्परागत खेती की ओर बढे़। गाँवों की ओर लोगों को ले जाने हेतु गाँव-गाँव ही रहने दिया जाए। ऐसी तकनकी लायी जाए, जिससे लोग गाँव की तरफ लौटे तथा गाँव की संस्कृति बनाये रखा जाए, कोई ऐसी तकनीक न लायी जाए, जो गाँव को ही नष्ट कर दें, तथा पर्यावरण को सुरक्षित रखा जाए।
उक्त कार्यशाला के विशिष्ट अतिथि डा0 एस0एल0 मौर्या, कुलसचिव, इला0रा0वि0वि0, इलाहाबाद ने अपने उद्बोधन में कहा कि- ग्रामीण विकास और खाद्य सुरक्षा हेतु लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाए तथा कुटीर एवं लघु उद्योगों की स्थापना गाँव-गाँव में की जाए।
उक्त कार्यशाला की अध्यक्षता प्रो0 कृष्णा मिश्रा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि- खाद्यान्न सुरक्षा और पानी की शुद्धता हेतु सभी लोगों को शिक्षित करना जरूरी है। प्रो0 मिश्रा ने नैनोटेक्नोलाॅज़ी के माध्यम से जो सस्ते हो, उनका उपयोग पानी की शुद्धता हेतु किया जाना चाहिए।
उक्त कार्यशाला में धन्यवाद ज्ञापन डा0 डी0 स्वरूप, चन्द्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर ने किया तथा कार्यक्रम का संचालन कु0 अनु श्रीवास्तव, रसायन विज्ञान विभाग, इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय, इलाहाबाद ने किया। इस कार्यशाला में प्रो0 नीलम यादव, निदेशक, खाद्य तकनीकी केन्द्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय का आमंत्रित व्याख्यान हुआ।




