माघ मेले पर भी कोरोना वायरस संक्रमण का बड़ा खतरा मंडराने लगा

माघ मेले में 7 पुलिसकर्मी भी कोरोना संक्रमित मिले
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। तीन दिन बाद यानी 14 जनवरी को मकर संक्रांति से शुरू होने जा रहे माघ मेले (2022) पर भी कोरोना वायरस संक्रमण का बड़ा खतरा मंडराने लगा है. यहां कोरोना की दूसरी लहर की तरह ही एक बार फिर से संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. सोमवार को प्रयागराज में 220 नए कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 920 तक पहुंच गई है. यह आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि माघ मेले में भी कोरोना संक्रमितों के मामले आने शुरू हो गए हैं। माघ मेले में 7 पुलिसकर्मी भी कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें पांच पीएसी, एक पुलिस कांस्टेबल और एक एलआईयू का जवान भी कोरोना संक्रमित पाया गया है. सभी मेला ड्यूटी के लिए बाहर से आए थे. सोमवार को माघ मेले में 587 लोगों की जांच की गई, जिसके बाद यह आंकड़े सामने आए हैं। कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच माघ मेला कराना एक बड़ी चुनौती बन गई है. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सीएमओ डॉ. नानक सरन ने बताया कि ‘माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और साधु-संतों के लिए कोविड वैक्सीन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट लाने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही साथ मेले के सभी 16 एंट्री प्वाइंट पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी तैनात किया गया है. जो बाहर से आने वाले व्यक्तियों की थर्मल स्क्रीनिंग और एंटीजन जांच करेंगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अगर किसी को वैक्सीन नहीं लगी है तो उन्हें वैक्सीन भी लगाई जाएगी. इसके साथ ही कल्पवासियों के कैंप में जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें एंटीजन जांच करेंगी और अगर वैक्सीन नहीं लगी है तो उन्हें भी वैक्सीन लगाई जाएगी. अगर जांच के दौरान कोई भी व्यक्ति पॉजिटिव पाया गया तो उसे मेडिकल कॉलेज या तेज बहादुर सप्रू बेली अस्पताल में भर्ती किया जाएगा और पूरे एरिया को सेनेटाइज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मेले में सुबह और शाम सेनेटाइजेशन का कार्य चलता रहेगा। सीएमओ के मुताबिक, मेला क्षेत्र में 20-20 बेड के 2 बड़े अस्पताल बन चुके हैं। कोविड प्रोटोकॉल के साथ इन अस्पतालों का संचालन किया जाएगा. इसके साथ ही अलग-अलग सेक्टर में चलने वाले छोटे अस्पताल भी संचालित किए जाएंगे. सीएमओ के मुताबिक कोविड को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मेले में आने वाले लोग सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का पालन करेंगे. इसके साथ ही बाहर से आने वाला हर व्यक्ति कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने का सर्टिफिकेट लेकर जरूर आएगा।




