कुंभ 2019:अखाड़ों में स्थायी निर्माण के कार्य तेजी से पूरा करने के मण्डलायुक्त के निर्देश
इलाहाबाद। साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कुम्भ के कार्यों की प्रगति मण्डलायुक्त डाॅ. आशीष कुमार गोयल ने प्रोजेक्ट मानीटरिंग साफ्टवेयर के माध्यम से देखी। अब तक योजनाबद्ध प्रगति की आकड़ों के अनुसार लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग, सेतु निगम, जल निगम तथा नगर निगम, मेडिकल कालेज, इलाहाबाद एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्यों में प्रगति का स्तर तेजी से ऊपर उठा हैं।
लगातार मानीटरिंग के फलस्वरूप इन सभी विभागों में गति तेज हुई है जो न केवल आकड़ों में दिख रही है, बल्कि मौके पर थर्ड पार्टी निरीक्षण कीे रिपोर्ट में भी सामने आ रही है। एक सप्ताह पूर्व मार्च के अन्तिम सप्ताह तक लोक निर्माण विभाग के 194 कार्यों में 48 प्रतिशत लक्ष्य के सापेक्ष 43 प्रतिषत तक कार्य पूर्ण हो चुके थे, इसी तरह बिजली विभाग के 78 कार्यों में 71 प्रतिशत के लक्ष्य के सापेक्ष 67 प्रतिशत तक कार्यं पूरे हो चुके हैं।
सेतु निगम के निर्धारित लक्ष्य में 122 कार्यों में चल रही परियोजनाओं में लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत समयबद्ध प्रगति दिख रही है। जल निगम के 58 कार्यों में निर्धारित लक्ष्य 59 प्रतिशत में इस समय तक 57 प्रतिशत की प्रगति सामने है। मेला प्रशासन में भी लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति दिख रही हैं।
इसमें कुल 7 कार्य प्रस्तावित हैं। मण्डलायुक्त डाॅ0 आशीष कुमार गोयल ने इस पृष्ठभूमि पर सभी प्रमुख विभागों से अपने समस्त कार्यों का एक प्रजेंटेशन तैयार करने को कहा था, जिसमें कुम्भ के अन्तर्गत कराये जाने वाले समस्त कार्यों का तुलनात्मक विवरण उपलब्ध हो। आज की समीक्षा बैठक में कई विभागों की प्रगति एवं कुम्भ का यह प्रजेंटेशन भी देखा गया। इसमें बिजली विभाग, जल निगम और नगर निगम की समीक्षा प्रमुख थी।
कुम्भ क्षेत्र को शत-प्रतिशत एलईडी लाइट से रोशन करने, 24 घण्टे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था, कैंप कनेक्शनों में एमसीवी लगाकर अग्नि कांड से बचाव का इंतजाम, फाफामऊ क्षेत्र में अस्थाई विद्युतीकरण, पार्किंग क्षेत्रों में विद्युतीकरण करते हुए इन स्थानों पर सोडियम लाईट का प्रयोग करने तथा 12 माधव और पंचकोशी मार्ग पर विद्युतीकरण के साथ-साथ पेशवाई मार्गो पर ट्रासफार्मरों तथा लटकते तारों की शिफ्टिंग और खुले कंडक्टरों को एबीसी कंडक्टरों से बदलने के नए कार्यों की प्रगति देखी गई।
बिजली विभाग द्वारा ट्रांसफार्मरों की शिफ्टिंग जिन 38 स्थानों पर चिन्हित की गई भी उनमें 24 पर शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया हैं तथा इनमें से कई कार्यरत भी रह चुके है।
जल निगम के कार्योे की समीक्षा के दौरान मेला क्षेत्र में 50 हजार पाईप कनेक्शन तथा 5 हजार स्टैण्ड पोस्ट कनेक्शन, 800 किमी0 लम्बी पाईप लाइन से आपूर्ति की जानी है। पूरे मेला क्षेत्र में पानी के 4130 फायर हाइडेªन्ट स्थापित होंगे। फायर हाइडेªन्ट कुम्भ क्षेत्र में यूज्ड वाटर के निकासी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई जिसमें परेड क्षेत्र में स्थाई डेनेज सिस्टम स्थापित करने तथा जल निकासी के लिए 160 डीजल पम्प एवं 25 ट्राली माउंटेंड पम्प लगाकर पूरे क्षेत्र में डीवाटरिंग की व्यवस्था की प्रगति देखी गई।
जल निकासी की व्यवस्था के लिए 150 किमी0 एचडीपी पाईप तथा 850 किमी0 कच्चा ड्रेन के माध्यम से ड्रेनेज की व्यवस्था की जा रही है। अक्षयवट से दारांगज पम्पिंग स्टेशन तक स्थाई ड्रेनेज लाईन बनाकर जल निकासी की व्यवस्था की जा रही है।
गंगा प्रदूषण इकाई द्वारा 26 नालों के प्रवाहित जल का ट्रीटमेंट बायो रिमेडियल तकनीकी से किया जाना है। इस कार्य में सीवेज पम्पिंग स्टेशनों, एचटीपी सयंत्रों का सुदृढ़ीकरण कर गंगा प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम को गति दी जा रही है। इस इकाई द्वारा झुंसी क्षेत्र में भी यूज्ड वाटर का बायो रिमेडियेशन प्रस्तावित है।
गंगा प्रदूषण नियंत्रण की गति बढ़ाने के लिए मण्डलायुक्त के निर्देश पर आगामी दिवसों में गंगा प्रदूषण नियंत्रण की एक कार्यशाला भी आयोजित की गई है। जिसमें नगर की महापौर के साथ सभी पार्षद तथा इस विभाग के अधिकारी, इंजीनियर, ठेकेदार इसमें भाग लेंगे। बैठक में श्रृंगवेरपुर को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की प्रगति पर भी समीक्षा की गई तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक को इस कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए है।
मण्डलायुक्त ने आखाड़ों के स्थाई निर्माण कार्य में अपेक्षा के अनुरूप तेजी लाने के विशेष निर्देश दिये हैं। इस कार्य को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा कराने की जिम्मेदारी उन्होंने नगर आयुक्त को दी है।
ज्ञातव्य है कि प्रयाग के आखाड़ों में शासन की मंशा के अनुरूप स्थाई निर्माण के कार्य प्रारम्भ कराए जा चुके है तथा इसके सम्बन्ध में मंत्रीपरिषद द्वारा भी सहमति दी जा चुकी है। इसे ध्यान में रखते हुए कार्य में तेजी लाने तथा निर्देशित बजट में अखाड़ों के साधु-महात्माओं की मंशा के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित कराते हुए कार्यदायी विभागों, ठेकेदारों और कर्मचारियों को मण्डलायुक्त ने इस कार्य को सकारात्मक दृष्टिकोण और श्रद्धा के साथ समय से पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए उस पर आने वाली लागत को सुसंगत बनाने हुए उसका प्रस्तुतिकरण साफ्टवेयर के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए तथा बाढ़ खण्ड के कार्यों में तेजी लाने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को सचेत किया गया।


