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राष्ट्र के प्रति हमें प्रेरित करती है कवियों की कविताएं – गणेश केसरवानी

(अनंत पांडेय ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। काव्य चकल्लस के अंतर्गत अखिल भारतीय कवि सम्मेलन कीडगंज थाने के समीप आयोजित हुआ जिसमें बतौर अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री शेखर यादव जी फूलपुर की सांसद माननीय केसरी देवी पटेल जी, शहर उत्तरी के विधायक माननीय हर्षवर्धन बाजपेई जी ,इलाहाबाद लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ रीता बहुगुणा जोशी जी शामिल हुई ।

काव्य चकल्लस का यह कार्यक्रम जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी के नेतृत्व में हर्ष उल्लास के साथ आयोजित किया गया इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कवि समाज के लिए एक सच्चे प्रेरक हैं वे अपनी कविता के माध्यम से समाज का मर्म राष्ट्र के प्रति हमारा क्या है धर्म अपनी कविता के माध्यम से समाज को आइना दिखाते है उन्होंने कहा की गुलामी के काल में भी जिस प्रकार से कवियों ने अपनी कविता के माध्यम से हम सबको राष्ट्र भक्ति के प्रति से प्रेरित किया और आजादी के बाद भी कर रहे हैं जिससे हमारे देश की एकता समरसता कायम रहे । कवि सम्मेलन के आयोजक मनीष केसरवानी एवं आयोजन समिति के सभी सदस्यगण देवेंद्र प्रताप सिंह बबलू विधायक कार्तिकेय सिंह शैलेंद्र गुप्ता राजू राव ने सभी आए हुए अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन किया।उक्त कवि सम्मेलन में प्रमोद पंकज, बाराबंकी मैं अपने हास्य से कविताओं से श्रोताओं को भरपूर आनंदित किया उन्होंने पढ़ा, आओगे तो अपने मुहँ की खाओगे, एक पैग मदिरा में ही मर जाओगे, गलती से जो भी गए मुंह के अंदर ,कुत्ते मुंह में कर देंगे तर जाओगे, कोरोना मेरे दुश्मन वादा निभाना, हर गांव गली में खुला है मयखाना, कोरोना कोरोना कोरोना । ,सलीम शिवालवी, वाराणसी, ने अपनी हास्य कविताओं से श्रोताओं को भरपूर हंसाया, प्यार मांगा तो बुरा मान गए हंस के टाला तो बुरा मान गए, रंग वह हम पर डालते ही गए ,हमने डाला तो बुरा मान गए। पूनम श्रीवास्तव सोनभद्र ने अपने गीतों और गजलों से श्रोताओं को मंत्र मुक्त कर डाला उन्होंने पढ़ा, अकेली रात कमरे में मुझे पागल बनाती है, चले आओ सनम तुझको मेरी पायल बुलाती है। अभय निर्भीक ,लखनऊ, ने अपनी ओज की पंक्तियों से राष्ट्रीय चेतना के स्वर गुंजायमान कर डाले, भारत माता का हरगिज सम्मान नहीं खोने देंगे, अपने पूज्य तिरंगे का अपमान नहीं होने देंगे ।अमित जौनपुरी ने होली के माहौल को खुशनुमा किया उन्होंने पढ़ा, कोई तारकोल पोते कोई मोबिल लगावे, उजरका केहू ,केहू ललका लगावे, लिहे बॉसे पिचकारी माटी के भुइयां मची देखा होली मोहल्ला । योगेश झमाझम, युवा कवि हास्य व्यंग के हस्ताक्षर ने अपनी पंक्तियों से जमकर हंसाया, मेल हो फीमेल कॉमन सेंस होना चाहिए प्यार के चश्मे में लगा लेन्स होना चाहिए। प्रख्यात गीतकार शैलेंद्र मधुर कवि सम्मेलन संयोजक ने अपने गीतों और गजलों से श्रोताओं का मन मोह लिया। यह सबक सबको हमेशा याद होना चाहिए, मील का पत्थर नहीं बुनियाद होना चाहिए आसमा को देखने से साफ लगता है हमें अब, हर पखेरू को यहां आजाद होना चाहिए ।डॉ आभा श्रीवास्तव ने संचालन के पश्चात कवि सम्मेलन मे काव्य पाठ कर लोगों को मंत्र मुक्त कर डाला । उन्होंने पढ़ा, आ जाओ मेरी खातिर तुम कोई बहाने से, है सूनी पड़ी गलियां एक तेरे ना आने से। कवि सम्मेलन में अन्य रचनाकारों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को आह्लादित किया। कवि सम्मेलन में प्रमुख रूप सहयोगी बंधु राजेश केसरवानी आनंद श्रीवास्तव, मयंक यादव, मयंक दुबे सचिन मिश्रा बचपन गुप्ता उमेश केसरवानी ,श्रीकांत केसरवानी, बादल केसरवानी ,गया निषाद विवेक अग्रवाल अशोक साहू संजीव पांडे, राजेश गिरी, बंटी गुलाटी, कल्लू भाई, गोपी भाई ,राम मोहन गुप्ता, शिव भाई रवि तनु ,अशोक केसरवानी मुकेश लारा राजू पाठक सुभाष बैश्य अभिलाष केसरवानी ने अपना अमूल्य सहयोग दिया। कवि सम्मेलन में शहर की गणमान्य हस्तियां उपस्थित रही।

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