
इलाहाबाद। सूबे के लाखों छात्रों को बांटे गए घटिया जूते और स्कूल बैग चंद महीनों में ही फटने लगे हैं. न्यूज 18 यूपी ने जब इस मुद्दे को प्रमुखता से दिखाया तोबेसिक शिक्षा मंत्री से लेकर विभागीय अधिकारियों ने इसकी सुध लेने की सोची. हाईकोर्ट ने खबर का संज्ञान लेकर जब सरकार से जवाब मांगा तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया. अब जबकि विभाग प्रदेश भर में फटने वाले जूते और स्कूल बैग का आंकड़ा जुटा रहा है तो परत दर परत हकीकत सामने आती जा रही है. फिलहाल बेसिक शिक्षा विभाग को शुक्रवार को हाईकोर्ट में इनके टेंडर से जुड़े दस्तावेज लेकर मौजूद होना है.
सूबे में 1 करोड़, 54 लाख छात्र-छात्राओं को 266 करोड़ रुपये से जूते-मोजे और 219 करोड़ रुपये से स्कूल बैग बांटे गए थे. लेकिन यह ठेका ऐसी कम्पनियों को दे दिया गया, जिनका इसकी सप्लाई या कारोबार से लेनादेना तक नहीं है. जो कम्पनी पावर सेक्टर से जुड़ी है, उस कम्पनी को 60 फीसदी जूते की सप्लाई का काम थमा दिया गया.
बेसिक शिक्षा मंत्री ने दावा तो किया कि बच्चों को ब्रांडेड जूते-मोजे दिए जा रहे हैं. लेकिन अब इन ब्रांड की हकीकत सभी के सामने आ चुकी है. लाखों छात्रों के बैग और जूते-मोजे चंद महीनों में ही फट गए.


