Latest

बिल जमा करने वालों से बढ़ा टैक्स और डिफाल्टर्स को छूट क्यों

( विनय मिश्रा )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। हाईकोर्ट ने जलकल विभाग व नगर निगम प्रयागराज से पूछा है कि किस नियम से जल कर जमा करने वाले उपभोक्ताओं से 2014 से बढ़े जल मूल्य का बकाया जमा कराया जा रहा है और जिन्होंने इस दौरान बिल जमा नहीं किया है उन्हें क्यों छूट दी गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति नाहिद आरा मुनीस एवं न्यायमूर्ति एसडी सिंह की खंडपीठ ने बाई का बाग की सुधा भार्गव की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने एक सितंबर 2020 को जारी महापौर के आदेश को लेकर तल्ख टिप्पणी की और कहा कि बिल का भुगतान करने वालों से ही बकाया बढ़ा जल मूल्य क्यों लिया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि आखिर बैंक लोन, बिजली बिल जमा करने वालों को प्रोत्साहन देने वाली कोई स्कीम क्यों नहीं लाई जाती। जो डिफाल्टर हैं उन्हें ही छूट क्यों दी जाती है। जो लोग अवैध कनेक्शन जोड़कर जल का दुरुपयोग कर रहे हैं, उन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। केवल ईमानदारी से टैक्स जमा करने वालों पर ही सारा बोझ डाला जा रहा है। ऐसे में टैक्स कौन जमा करना चाहेगा। कोर्ट ने डिफाल्टर्स को छूट देने की नगर निगम की स्कीम को लेकर नाराजगी जताई है। याची का कहना है कि नगर निगम प्रयागराज के जल कल विभाग ने छह लाख तीन हजार 512.50 रुपये का बकाया बिल भेजा है। जिसमें 56022 रुपये जल मूल्य और 49656.50 रुपये जुर्माना शामिल है। जबकि याची हर माह 10 हजार जमा करने को तैयार है। किश्तों में जमा करने की अनुमति दी जाए और जुर्माना माफ किया जाए। याचिका में महापौर की ओर से जारी कार्यकारिणी के प्रस्ताव का हवाला दिया गया है। नगर निगम की कार्यकारिणी की एक सितंबर 2020 की बैठक में फैसला लिया गया था कि 2014-15 में जल मूल्य की बढ़ोतरी हुई है। जो उपभोक्ता 2014 से 2020 तक जल मूल्य जमा नहीं कर सके हैं। उनसे बकाया वृद्धि वसूली नहीं की जाएगी। उनसे 2020-21 से बढ़ा हुआ जल मूल्य जमा कराया जाएगा।

Related Articles

Back to top button