सूक्ष्म- लघु उद्यमियों, हस्तशिल्पियों, ग्रामोद्योगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के द्वारा वर्चुअल बैठक किया गया

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज प्रयागराज मण्डल के अंतर्गत (एम.एस.एम.ई.) सूक्ष्म- लघु उद्यमियों, हस्तशिल्पियों, ग्रामोद्योगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के द्वारा वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया।
लॉक डाउन के कारण इनका उद्यम / व्यापार लगभग बन्द पड़ा हुआ है
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रयागराज फाउण्डेशन के अध्यक्ष शशांक शेखर पाण्डेय ने कहा की कोविड के बढ़ रहे प्रकोप के कारण 29 अप्रैल 2021 से उत्तर प्रदेश में लगातार आंशिक कर्फ्यू ( लॉक डाउन ) लगा हुआ है। जिस कारण व्यापारिक प्रतिष्ठान बन्द है। साथ ही सनद रहे कि पिछले वर्ष 2020 में भी इसी समय लॉकडाउन लगा हुआ था जिस कारण व्यापार पूरी तरह ठप हो गया था। इस वर्ष भी जब इस समय व्यापार करने का प्रमुख समय है तो लॉक डाउन के कारण इनका उद्यम / व्यापार लगभग बन्द पड़ा हुआ है । लॉकडाउन के समय में भी उद्यमियों / व्यापारियों को व्यापार करने के लिए व्यापार स्थल का किराया, बैंक के लोन का ब्याज, कर्मचारियों का वेतन, बिजली के बिल, टेलीफोन के बिल तथा अन्य खर्चे प्रतिमाह देना पड़ता है । उन्होंने कहा कि लगातार दूसरे साल के लॉक डाउन के कारण हम उद्यमियों / व्यापारियों के सामने अपने परिवार की ही आजीविका चलाने की मुसीबत दस्तक देना शुरू कर दी है ।
बैठक का संचालन कर रहे पीयूष ग्रामोद्योग सेवा समिति प्रतापगढ़ के दत्तात्रेय पाण्डेय ने कहा कि व्यापारी अपने लोन की किश्त बिजली का बिल कर्मचारियों का वेतन,टेलीफोन बिल एवं अन्य भुगतान कर पाने में अक्षम है । उस पर से प्रतिदिन बैंक के लोन का भुगतान करने के लिए लगातार मेसेज एवं दिन भर में कई फ़ोन आते है। बिजली/टेलीफोन के बिल के भुगतान के मैसेज आ रहे है कि भुगतान नही करने पर विच्छेदन कर दिया जाएगा । जब लॉक डाउन लगा हुआ है और ऐसे समय में व्यापारी कहा से भुगतान कर पायेगा । पिछले एक साल से व्यापार में लगातार हो रहे घाटे के चलते व्यापारी बहुत मानसिक दबाव में है । ऐसे में सरकार द्वारा अगर कोई सहयोग नही प्राप्त होगा तो आने वाले समय में कई व्यापारियों के ऊपर उनके आजीविका का संकट आन पड़ेगा । पंचामृतम ग्रामोद्योग की प्रबन्धक प्रतिभा पाण्डेय ने कहा कि हर छोटे उद्यमियों / व्यापारियों के साथ उसके यहां औसत में 5-6 कर्मचारी एवम् उसके परिवार के करोड़ों लोग इस संकट के शिकार हो गए हैं, जिससे कि स्थिति बहुत ही भयावह हो हो रही है।
प्रयागराज महिला उद्यमी पूनम मिश्रा ने कहा कि पिछली बार सरकार द्वारा हम छोटे उद्यमियों को व्यापार को सुचारू रूप से चलाने के लिए ऑक्सीजन के रूप में कुछ योजनायें दी गयी थी जिसमें प्रमुख रूप से मोरटोरियम दिया गया था। जिसके कारण व्यापारियों को बैंक लोन के किश्त से कुछ महीनों की छूट मिल गयी थी, जो कि इस बार सरकार द्वारा अभी तक नही दिया गया है।




