सपा ने मनाई अहिल्याबाई होल्कर की 296वीं जयंती

(सुमित पांडे) मिर्जापुर (अनुराग दर्शन समाचार)। सोमवार को राजमाता अहिल्या बाई होल्कर की 296वीं जयंती समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय लोहियाट्रस्ट भवन पर जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी की अध्यक्षता में मनाई गई।
सपा जिलाध्यक्ष बोले- अहिल्याबाई होल्कर सामाजिक और धार्मिक कार्यो के साथ-साथ सभी वर्गो के लिए किया काम
इस अवसर पर उनके चित्र पर नेताओं और पदाधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्वांजलि अर्पित की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने सामाजिक और धार्मिक कार्यो के साथ-साथ सभी वर्गो के हितों के लिए काम किया। साथ ही अहिल्याबाई होल्कर ने अपने राज्य की सीमाओं के बाहर मंदिर बनवायें, घाट व कुंओ का निर्माण कराया, मार्ग बनवाये, भूखों के लिए भोजनालयों का निर्माण किया, प्यासों के लिए प्याऊ बनवाये। उन्होने कहा कि हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके द्वारा बताये गये रास्ते पर चलना चाहिए।
श्री चौधरी ने बताया कि अहिल्याबाई होल्कर एक महान शासक और मालवा प्रांत की महारानी थी। ज्यादातर लोग राजमाता अहिल्यादेवी होल्कर नाम से भी जानते हैं। उनका जन्म महाराष्ट्र के चोंडी गांव में 1725 में हुआ था, उनके पिता मानकोजी शिंदे खुद धनगर समाज से संबंध रखते थे, जो गांव में पाटिल की भूमिका निभाते थे। अहिल्याबाई को उनके पिता ने ही पढ़ाया लिखाया था।
अहिल्याबाई का जीवन बहुत साधारण तरीके से गुजरा, 18वीं सदी में मालवा प्रांत की रानी बन गईं, युवा अहिल्यादेवी की सरलता ने मल्हार राव होल्कर को प्रभावित किया। मल्हार राव होल्कर पेशवा बाजीराव की सेना में एक कमांडर थे, मल्हार राव होल्कर ने अहिल्याबाई की शादी अपने बेटे खांडे राव से करवा की। अहिल्याबाई मराठा समुदाय के होल्कर राजघराने की बहू बनीं। उनके खांडे राव की मौत 1754 में कुंभेर की लड़ाई में हो गई थी, सारी जिम्मेदारी अहिल्याबाई पर आ गई, उन्होंने अपने ससुर के कहने पर सैन्य मामलों और प्रशासनिक मामलों रुचि दिखाई और तरीके से उस में जुट गईं। स्वतन्त्र भारत में अहिल्याबाई होल्कर का नाम बहुत ही सम्मान के साथ लिया जाता है। इस मौके पर सुरेन्द्र सिंह पटेल, जवाहर लाल मौर्या, रामगोपाल बिन्द, सुनील पाण्डेय, रत्नेश श्रीवास्तव, धनश्याम साहू, अरशद, संतोष यादव, मुकेश साहू, शशांक यादव, संदीप बिन्द, आकाश यादव, महेन्द्र यादव, शिवकुमार यादव, चन्द्रशेखर विश्वकर्मा, राजकुमार यादव आदि ने भी अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर पुष्प अर्पित की श्रद्वांजलि अर्पित किया।



