किसानों का उत्पीड़न कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा-जिलाधिकारी
जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने प्रयागराज पाॅवर जेनरेशन में चल रहे धरना प्रर्दशन के सम्बन्ध में किसान भाईयों के साथ की बैठक कर कहा कि कानून की परिधि के तहत जो भी मदद सम्भव होगी कि जायेंगी।
इलाहाबाद। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आज संगम सभागार में प्रयागराज पाॅवर जेनरेशन में हो रहे धरना-प्रदर्शन के सम्बन्ध में बैठक की।
इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि, ए0डी0एम0 प्रशासन महेन्द्र कुमार राय, एस0पी0 यमुनापार-दीपेन्द्रनाथ चैधरी, एस0डी0एम0 बारा डी0एस0 पाठक, सीओ बारा रत्नेश्वर सिंह डी0एल0सी0 राकेश द्विवेदी के साथ यूपीपीसीएल के अधिकारी शंकर शाही, राकेश शर्मा, रंजन कुमार के साथ किसान भाईयों के अध्यक्षगण मौजूद थे।
जिलाधिकारी ने कम्पनी के अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि किसान भाईयों का उत्पीड़न कत्तई बर्दाश्त नही ंकिया जायेगा। उन्होंने किसान भाईयों को आश्वस्त किया कि जो भी कानून की परिधि के अन्दर होगा, मैं सकारात्मक तरीके से पूरा प्रयास करूगा कि आपको आपका हक मिले। जिलाधिकारी ने किसान भाईयों से पूछा कि आप ही कोई बेहतर सुझाव दीजिए जो कि हमारे दायरे के अन्दर आता हो। किसान भाईयों का मुख्य मुद्दा विस्थापित परिवार के लोगों को कम्पनी रोल पर किया जाये और वेतन बढ़ाया जाये, जिसमें कि जिलाधिकारी को एम0डी0 ने बताया कि प्रत्येक छः माह में वेतन में वृद्धि की जाती है तथा जो कर्मचारी कार्य कर रहे है उनके पी0एल0 इत्यादि कट रहा है आदि बिन्दुओं को भी ध्यान में रखा जाता है तथा जांच भी की जाती है।
कम्पनी एक्ट में ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है कि सभी कर्मचारियों को कम्पनी रोल पर ही रखा जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि जो कर्मचारी अच्छा कार्य कर रहे है उन्हें चिन्हित कर उसका वेतन बढ¬े और कानून की परिधि के अन्दर जो भी अच्छी सुविधा मुहैया करा सकती हेै वे करें।
किसान भाईयों का दूसरा मुद्दा था कि विस्थापित परिवार के लोगो को रोजगार दिया जायें। जिसमें एम0डी0 ने बताया कि हमारे पास इस तरह की कोई बाघ्यता नहीं है कि सबकों रखा जाये, कार्य सुचारू-रूप नहीं चल रहा है, यदि कार्य सुचारू रूप से चलने लगेगा तो सबकों रोजगार मिल जायेगा और जो लेबर कानून के तहत होगा हम उसकों पूर्णतया लागू करायेंगे।
किसान भाईयों ने जिलाधिकारी के परिश्रम और बैठक बुलाकर समन्वय स्थापित कराने की सराहना की। किसान भाईयों ने जिलाधिकारी को धन्यवाद ज्ञापित कर धरना समाप्त किया।

