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प्रयागराज मेला प्राधिकरण बोर्ड की दूसरी बैठक संगम तट सम्पन्न हुई

इलाहाबाद। बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण बिन्दुओ पर लिये गये निर्णय
मेले में आने वाले तीर्थयात्रियो की सुविधाओ पर बोर्ड के सदस्यो का रहा ध्यान
मेला क्षेत्र की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करते हुए उसे मूलभूत सुविधाओ से रखा जायेगा। अध्यक्ष प्रयागराज मेला प्राधिकरण डॉ. आशीष कुमार गोयल

 इलाहाबाद। प्रयागराज मेला प्राधिकरण की दूसरी बैठक मण्डलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल की अध्यक्षता में आज संगम तट पर सम्पन्न हुयी। बैठक में विभिन्न एजेंडा प्वाइंटस पर विस्तार से चर्चा की गयी जिसमें मेला क्षेत्र के सीमा निर्धारण, प्रयागराज मेला प्राधिकरण के उप विधियो को अंगीकृत करने की प्रक्रिया, विगत माघ मेला एवं आगामी कुम्भ मेला की समाप्ति के पश्चात् स्नानार्थियों को संगम क्षेत्र में सामान्य दिनों में भी मूलभूत सुविधाओ को उपलब्ध कराते रहने हेतु कार्यदायी संस्थाओं द्वारा की गयी व्यवस्था, मेला कार्यालय सुदृढीकरण एवं निर्माण कार्य के आगणन पर, मेला प्राधिकरण द्वारा कुम्भ मेला 2019 टेण्टेज के विभिन्न निविदाओ के लिए निविदा समिति के गठन पर, कुम्भ मेला 2019 हेतु सलाहकार समिति के गठन पर, मेला प्राधिकरण की आय हेतु मेला क्षेत्र में वेंडिग जोन की नीति पर, कुम्भ मेला 2019 से सम्बन्धित पार्किंग स्थलों एवं मेला क्षेत्र की पार्किंग स्थलों हेतु निविदा आमंत्रण पर, मेला क्षेत्र के नाविक संघ के साथ समन्वय बनाते हुए श्रद्धालुओं एवं स्नानार्थियों के उपयोग हेतु नावो के अनुश्रवण हेतु नीति निर्धारण पर, मेला क्षेत्र मां गंगा जी की विभिन्न समितियो द्वारा की जा रही आरती पर चर्चा, कुम्भ मेला 2019 में विभिन्न विभागों के इच्छुक एवं दक्ष कर्मचारियों को मेला प्राधिकरण मे सम्बद्ध किये जाने पर चर्चा की गयी।

हमारा सौभाग्य है कि हम एक दिव्य एवं भव्य कुम्भ के आयोजन में कारक बन रहे है – मण्डलायुक्त

बैठक मे सर्वप्रथम अब तक किये गये कार्यो की प्रगति की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पर्ट चार्ट के अनुसार आज तक लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्ध प्रगति को परखा गया।

जिसमें लोक निर्माण विभाग के द्वारा कुल 21 परियोजनाओ के कार्यो को पूरा करना है जिसके लिए स्वीकृत लागत 49,565.84 लाख के सापेक्ष शासन द्वारा जारी 21,273.35 लाख रूपये से चल रहे कार्यो में पर्ट चार्ट के सापेक्ष 20 प्रतिशत से वास्तविक प्रगित 25 प्रतिशत दर्ज की गयी है।

सेतु निगम के द्वारा कुल 4 परियोजनाओ के कार्यो को पूरा किया जाना है जिसके लिए स्वीकृत लागत रूपये 17,723.15 लाख के सापेक्ष शासन द्वारा जारी 7,089.25 लाख रुपये से चल रहे कार्यो में पर्ट चार्ट के अनुसार 42 प्रतिशत के सापेक्ष 47 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गयी है। पावर कार्पोरेशन के द्वारा 10 कार्यो को पूरा किये जाने है जिस हेतु 5,987.04 लाख के सापेक्ष शासन के द्वारा 2,663.94 लाख रूपये जारी किये गये है। पावर कार्पोरेशन के कार्यो की प्रगति पर्ट चार्ट के 59 प्रतिशत के सापेक्ष 60 प्रतिशत दर्ज की गयी है।

नगर निगम के द्वारा कराये जा रहे 56 कार्यो के लिए रूपये 9,085.79 लाख के सापेक्ष 4,264.74 लाख रूपये शासन के द्वारा जारी किये गये है। नगर निगम के कार्य पर्ट चार्ट के अऩुसार कराये जा रहे कार्यो की प्रगति 26 प्रतिशत के सापेक्ष 30 प्रतिशत दर्ज की गयी है। मेला प्रशासन के द्वारा 7 कार्य कराये जा रहे है, जिस हेतु 838.03 लाख रूपये स्वीकृत किये गये तथा शासन द्वारा 502.70 लाख रूपये जारी किये गये है। मेला प्रशासन के कार्य पर्ट चार्ट के अनुसार 40 प्रतिशत के सापेक्ष 40 प्रतिशत कार्य किया गया है।

इसी तरह विकास प्राधिकरण के द्वारा कराये जा रहे 34 कार्यो के लिए 23,684.75 लाख रूपये स्वीकृत किये गये है तथा शासन के द्वारा 6,938.36 लाख रूपये जारी किये गये है तथा विकास प्राधिकरण के कार्य पर्ट चार्ट के अऩुसार 20 प्रतिशत के सापेक्ष 22 प्रतिशत की प्रगति दर्ज की गयी है।

इसी तरह अन्य विभागो द्वारा पर्ट चार्ट के अऩुसार कार्यो की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष अधिक प्राप्त हो रही है। यह रणनीति पूरी तरह जांची गयी कि हर हाल मे सभी कार्य सितम्बर और अक्टूबर माह के अन्त तक अवश्य पूरा हो जायेंगे।

प्राधिकरण के बोर्ड की बैठक मे प्रमुख एजेंडा मे यह भी था कि मेला प्राधिकरण को अधिकार सम्पन्न कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जाय जिसमें मेला प्राधिकरण को यह अधिकार प्रदत्त हो कि जो मेला क्षेत्र के लिए जो एरिया सुनिश्चित किया जाय वह सदैव मेला कार्य के लिए संरक्षित रहे।

इसके लिए यह तर्क दिय गया कि यह आयोजन हर छठे वर्ष पर होता है तथा इसमें किसी प्रकार का अतिक्रमण मेला क्षेत्र को संकुचित करेगा एवं आगामी महाकुम्भ तक आने वाले आगन्तुको की बढ़ी हुयी संख्य़ा को देखते हुए इस क्षेत्र का छोटा होना उचित नही होगा। इसलिए प्रस्ताव किया गया कि मेला क्षेत्र का सर्वे कर लिया जाये तथा निर्धारित मेला क्षेत्र में अनाधिकृत अतिक्रमण रोकने की व्यवस्था की जाय एवं निर्धारित मेला क्षेत्र में अन्य किसी प्रकार का स्थायी निर्माण प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव किया गया।

यह भी कहा गया कि इस वर्ष कुम्भ में लगभग 12 करोड़ की जनसंख्या सम्भावित है। जो आगामी 6 वर्ष के बाद महाकुम्भ में इससे अधिक होगी इसलिए मेले के बसावट क्षेत्र को अधिसूचित करते हुए इसे बढाने की प्रक्रिया पर विचार किया गया।
इसी प्रकार कुम्भ क्षेत्र में निर्धारित पार्किंग के लिए स्थाई भूमि निर्धारित करने पर विचार किया गया। बैठक में प्राधिकरण में बाइलाज का विस्तृत प्रस्ताव जिसमें प्राधिकरण के अधिकारियो के अधिकार, बैठको की अवधि, कार्य की प्रक्रिया इत्यादि का निर्धारण प्रस्तावित किया गया।

एक अन्य बिन्दु पर मेला क्षेत्र मे सफाई व्यवस्था के लिए आवश्यक उपकरण, बिजली, जल निगम, और बिजली विभाग द्वारा अपने रूटिंन की खरीद के समय ही मेला क्षेत्र के लिए भी खरीद लेने पर चर्चा की गयी। मेला की सलाहकार समिति के गठन, नाविको, तीर्थयात्रियों आदि की व्यवस्था पर चर्चा की गयी।

यमुना तथा संगम क्षेत्र में सुरक्षा के लिए स्नान पक्तियाँ विकसित करने की योजना बनाने को कहा गया। नाविको को प्रशिक्षण किया जायेगा तथा निर्धारित रेट लिस्ट का बोर्ड भी लगाया जायेगा। गंगा जी आरती को भी प्रशासन की देखरेख में संचालित की जायेगी।
मेला प्रशासन के द्वारा बताया गया कि इस वर्ष माघ मेले मे स्वच्छता एवं जनसुविधा के जिन प्रयोगो को आजमाया गया था, उन प्रयोगो के सफल होने पर इन्हे यथावत रूप से पूरे कुम्भ मेला क्षेत्र में रखा जायेगा। वर्तमान में संगम क्षेत्र को एलईडी लाईट, स्वच्छ शौचालय, पेयजल आदि यात्रियो की सुविधा के लिए लगातार प्रयास किये गये है। जिसके परिणाम आज सामने दिख रहे है। जिसमें संगम क्षेत्र में 11 चेंजिग रूम की स्थापना की जा चुकी है। संगम नोज एवं गंगा पट्टी पर स्नानार्थियों को सुगम स्नान के दृष्टिगत अस्थाई घाट बनाया जा चुका है और उनका रख रखाव भी किया जा रहा है।

संगम क्षेत्र में किला घाट, हनुमान मंदिर, जगदीश रैम्प, महावीर मार्ग, अक्षयवट मार्ग एवं वीआईपी जेटी के पास 36 टायलेट 6 यूरिनल्स की स्थापना की जा चुकी है। संगम अपर मार्ग से संगम नोज तक, अक्षय वट मार्ग से संगम अपर तक, महावीर मार्ग से संगम अपर तक चकर्ड प्लेट मार्ग,का निर्माण कराया जा चुका है।

संगम अपर मार्ग से संगम नोज तक पाइप लाइन बिछायी गयी है जिस पर 28 स्टैण्ड पोस्ट की स्थापना की गयी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाये गये मार्गो पर एलईडी स्ट्रीट लाइट की स्थापना का कार्य कराया जा चुका है।। अन्य स्थानो पर एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने का कार्य कराया जा रहा है। नगर निगम से संगम क्षेत्र, किला घाट, हनुमान मंदिर के आस-पास एवं परेड ग्राउण्ड में सफाई का निरन्तर करवाने के लिए व्यवस्था की गई है।

संगम क्षेत्र में स्थायी पुलिस चौकी के लिए प्रस्ताव पुलिस विभाग द्वारा शासन को प्रेषित किया जा रहा है।
प्रयागराज मेला प्राधिकरण की बैठक में इस बार मुख्य स्नान पर्वो की तिथियां निर्धारित की गयी है। जिसमें 14 जनवरी को मकर संक्रान्ति, 21 जनवरी को पौष पूर्णिमा, 4 फरवरी को मौनी अमावस्या, 10 फरवरी को बसन्त पंचमी, 19 फरवरी को माघी पूर्णिमा तथा 4 मार्च को महा शिवरात्रि है। इस प्रकार 14 जनवरी से 4 मार्च 2018 के मध्य आयोजित कुम्भ के क्षेत्र 2500 हेक्टेयर को 20 सेक्टरो में विभाजित किया गया है। मेले में 12 करोड़ तीर्थयात्रियों के आने का अऩुमान लगाया गया है। इन यात्रियो के लिए उच्च क्वालिटी के टेंट, स्वच्छता, पेयजल, जल निकासी के इंतेजाम, बिजली की बेहतर आपूर्ति, ट्राफिक कन्ट्रोल, खाद्य एवं रसद आदि महत्वपूर्ण योजनाओं के सम्बन्ध में कार्य किया जा रहा है।

मेला मे कुछ अन्य कार्य इस बार कुम्भ मेला मे महत्वपूर्ण होगा। उनमे इलाहाबाद नगर के विकास के लिए स्थायी निर्माण कार्यो की अनेक परियोजना चल रही है। इन परियोजनाओ से नगर को सुन्दरीकरण के साथ-साथ सड़को के चौडीकरण, जनपद को विभिन्न समीपवर्ती जनपदो से जोड़ने वाली स़ड़को को सुदृढ कर उनका विकास करना। नगर में रेलवे विभाग के द्वारा सुविधाजनक ट्रेनो के संचालन, स्टेशनों का विकास, पूरे शहर तथा मेला क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति एवं बहुसंख्या में शौचालय की स्थापना, मेला मेत्र में 38000 एलईडी लाइटों से रोशनी का सुंदर इतेजाम तथा इलाहाबाद को एयर कनेक्टिवटी से जोड़ने की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

इस पर मंथन करते हुए बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गयी है। कुम्भ मेला को विश्वस्तर पर पर्यटक केन्द्र के रूप में स्थापित करने के लिए विभिन्न योजनाओ पर कार्य किया जा रहा है।
बैठक के समापन पर मण्डलायुक्त डॉ आशीष कुमार गोयल ने कहा कि हमने यह संकल्प लिया था कि मेला के लिए कराये जा रहे कार्यो की समीक्षा संगम की पवित्र रेती पर बैठकर करे। आज उसी संकल्प को पूरा करते हुए मेला प्राधिकरण की दूसरी बैठख संगम तट पर आयोजित की गयी है। यह बहुत ही सुखद क्षण है जिसमे हम मां गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन तट पर बैठकर आगामी कुम्भ के आयोजन की तैयारी कर रहे है। उन्होने रात दिन कार्य कर रहे अधिकारियो को धन्यवाद देते हुए कार्यो को समय से पहले पूरा करने का आहवाहन किया तथा कहा कि हम सब एक स्वर्णिम इतिहास के साक्षी और कारक बनने का सौभाग्य पा रहे है कि प्रयागराज मेला प्राधिकरण गठन के कार्य में हमें संस्थापक की भूमिका मिली है।

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