युगपुरूष ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ एवं राष्ट्रसंत महन्त अवेद्यनाथ जी महाराज का विराट व्यक्तित्व आज भी हमारे लिए प्रेरणास्रोत : योगी कमलनाथ

( अनुराग शुक्ला ) गोरखपुर (अनुराग दर्शन समाचार )। श्रीगोरक्षपीठ की गौरवशाली आध्यात्मिक-धार्मिक परम्परा को एक नई दिशा प्रदान करने वाले महान देशभक्त, अपराजेय धर्मयोद्धा, हिन्दुत्वनिष्ठ-राष्ट्रवादी राजनीति के वाहक, प्रातः स्मरणीय युगपुरूष ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ जी महाराज का विराट व्यक्तित्व आज भी हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं।
सप्तदिवसीय श्रद्धांजलि समारोह 18 से 24 सितम्बर तक श्री गोरक्षनाथ मन्दिर में होगा सम्पन्न
दोनो महन्त जी महाराज राष्ट्रवादी चरित्र एवं आध्यात्मिक चेतना से प्रदीप्त ऐसे सन्त थे जो अतीत, अनागत और वर्तमान सबको प्रत्यक्षवत् देखते थे। हिन्दू समाज के रक्षक थे। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रबल समर्थक थे। उनकी स्मृतियाँ हमें नयी ऊर्जा देती है। युगपुरूष ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ जी महाराज की बावनवीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ जी महाराज की सातवीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी पावन स्मृति में सप्तदिवसीय श्रद्धांजलि समारोह 18 सितम्बर से 24 सितम्बर, 2021 तक श्री गोरक्षनाथ मन्दिर में सम्पन्न होगा। साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के अन्तर्गत 17 सितम्बर से साप्ताहिक ‘श्रीमद्भगवद्गीता के भारतीय सांस्कृतिक परिपे्रक्ष्य में भगवान श्रीराम-श्रीकृष्ण कथा का तात्त्विक विवेचन’ विषय पर अयोध्या धाम से पधारे जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य जी महाराज ‘विद्याभास्कर’ कौशेलश सदन, कैकेयी घाट, अयोध्या के मुखारविंद से कथा अमृत की वर्षा होगी।उक्त बातें गोरखनाथ मन्दिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने आज सप्तदिवसीय श्रद्धांजलि समारोह के सम्बन्ध में कही। उन्होंने कहा कि युगपुरूष ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ जी महाराज ने धर्म, संस्कृति, शिक्षा, समाज एवं राष्ट्र के प्रायः सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बहुआयामी एवं लोक संग्रही व्यक्तित्व सेे अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज की थी। अनेक महत्वपूर्ण धार्मिक-आध्यात्मिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर सड़क से संसद तक दोनो महन्त जी महाराज की ओजपूर्ण वाणी गूंजती रहती थी। 1920 से लेकर इक्वीसवीं शताब्दी के प्रथम दशक तक देश की कोई भी राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक समस्या ऐसी नहीं थी जिस पर क्रमशः दोनो ब्रह्मलीन महाराज जी की प्रभावपूर्ण उपस्थिति दर्ज न हुई हो। देश में वे आध्यात्मिक सामाजिक पुनर्जागरण के अग्रदूत के रूप में प्रतिष्ठित हुये तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में शैक्षिक पुनर्जागरण के अग्रदूत बनकर उभरे।युगपुरूष ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ जी महाराज यद्यपि अपने पार्थिव रूप में आज हमारे बीच नहीं है तथापि उनका कृतित्व आज भी प्रकाश स्तम्भ की तरह राष्ट्र जीवन के राजपथ पर हमारे मार्गदर्शन के लिए विद्यमान है।दोनो ब्रह्मलीन महन्त जी महाराज भारत के राष्ट्रीय जीवन की मुख्यधारा का प्रतिनिधित्व करने वाली हिन्दू जीवन पद्धति से अनुप्रेरित समाज को एक समरस, सुघटित और सुदृढ़ समाज के रूप में देखना चाहते थे। उनके सपनों के समर्थ भारत के पुनर्निर्माण एवं हिन्दू समाज के पुनर्जागरण हेतु हम भी उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर प्रतिवर्ष समारोहपूर्वक आयेाजन के माध्यम से प्रेरणा ग्रहण करते हैं ।और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं सामाजिक मुद्दों पर ब्रह्मलीन दोनों महन्त जी महाराज के कृतित्व एवं व्यक्तित्व के आलोक में समाज में जन-जागरण करते हैं। इस वर्ष भी दिनांक 18 सितम्बर से 24 सितम्बर, 2021 तक सप्तदिवसीय श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जा रहा हैं जिसमें देश के अनेक सन्त, महात्मा, धर्माचार्य, विद्वत्जन, समाजसेवी भाग लेंगे।
योगी कमलनाथ जी ने आगे बताया कि साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के अन्तर्गत समसामयिक विषयों पर चलनें वाला सम्मेलन 18 सितम्बर से प्रारम्भ होगा। 18 सितम्बर को उद्घाटन समारोह में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना ही समर्थ भारत का मार्ग प्रशस्त करेगा’ विषयक सम्मेलन, 19 सितम्बर को ‘वैश्विक महामारी कोरोना एवं हमारा स्वास्थ्य’, 20 सितम्बर को ‘सामाजिक समरसता में सन्तों का योगदान’, 21 सितम्बर को ‘संस्कृत एवं भारतीय संस्कृति’, 22 सितम्बर को ‘भारतीय संस्कृति एवं गो-सेवा’ विषयक सम्मेलन सम्पन्न होंगे। 23 सितम्बर को युगपुरुष महन्त दिग्विजयनाथ जी महाराज की तथा 24 सितम्बर को राष्ट्रसन्त महन्त अवेद्यनाथ जी महाराज की श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी। युगपुरुष ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ महाराज की पुण्यतिथि आश्विन कृष्ण तृतीया तद्नुसार 23 सितम्बर, 2021 को उनके नाम पर स्थापित महन्त दिग्विजयनाथ पार्क में ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ जी महाराज की आदमकद प्रतिमा का भव्य अनावरण सम्पन्न होगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अध्यक्षता में सम्पन्न में होने वाले आयोजन के मुख्य अतिथि भारत सरकार के शिक्षा व कौशल विकास एवं कौशल उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान जी होंगे। राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ जी महाराज की पुण्यतिथि आश्विन कृष्ण चतुर्थी तद्नुसार 24 सितम्बर, 2021 को गोरक्षपीठाधीश्वर महन्त अवेद्यनाथ महाविद्यालय, चैक बाजार, महराजगंज के परिसर में ब्रह्मलीन महन्त अवेद्यनाथ जी महाराज की दिव्य प्रतिमा का अनावरण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि भारत सरकार के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के कर-कमलों द्वारा सम्पन्न होगा। विशिष्ठ अतिथि के रूप में भारत सरकार के वित्त राज्यमंत्री पंकज चैधरी होंगे। 23-24 सितम्बर को अखण्ड मानस पाठ तथा भण्डारा होगा। श्रद्धांजलि समारोह में कथावाचक-जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य ‘विद्याभास्कर’ जी अयोध्या, महन्त अवधेशदास जी बड़ेभक्तमाल अयोध्या, महन्त सुरेशदास जी एवं महन्त राममिलनदास जी अयोध्या, स्वामी विद्या चैतन्य जी नैमिषारण्य, ब्रह्मचारी दासलाल जी सवाई आगरा, योगी प्रकाशनाथ जी एवं शेखावत जी लक्ष्मणगढ़ सीकर राजस्थान, स्वामी दिनेशाचार्य जी गुरू ब्रह्मलीन हर्याचार्य जी अयोध्या, महन्त बालकनाथ जी रोहतक, महन्त संतोषदास जी सतुआ बाबा वाराणसी, स्वामी गोपाल जी अरैल प्रयागराज, डाॅ0 राम बिलास दास वेदान्ती अयोध्या, जगद्गुरू स्वामी श्रीधराचार्य जी महाराज अयोध्या, स्वामी राघवाचार्य जी अयोध्या, महन्त शिवनाथ जी उड़ीसा, जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती जी महाराज प्रयागराज, स्वामी बृजमोहनदास जी अयोध्या, महन्त राजूदास जी अयोध्या, स्वामी धर्मदास जी अयोध्या, महन्त शेरनाथ जी गुजरात, स्वामी नरसिंहदास जी महाराज गुरू-ब्रह्मलीन स्वामी श्यामदास जी जबलपुर, स्वामी नारायण गिरी गाजियाबाद, महन्त सुरेन्द्रनाथ जी कालिकापीठ दिल्ली, स्वामी विश्वेस प्रपन्नाचार्य अयोध्या, महन्त गंगादास बड़ौदा सहित देशभर के प्रतिष्ठित धर्माचार्य, साधु एवं सन्त सम्मिलित होंगे। साप्ताहिक सम्मेलन में सम्बन्धित विषयों पर डाॅ0 सुरेखा किशोर निदेशक एम्स गोरखपुर, प्रो0 हरेराम त्रिपाठी कुलपति, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी, प्रो0 हर्ष कुमार सिन्हा दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर, डाॅ0 राजकिशोर सिंह बी0आर0डी0 मेडिकल कालेज गोरखपुर, प्रो0 गोपाल प्रसाद पूर्व अध्यक्ष राजनीतिशास्त्र दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर, डाॅ0 लालमणि त्रिपाठी प्रबंधक गीताप्रेस गोरखपुर,अतुल सिंह उपाध्यक्ष उ0प्र0 गौ सेवा आयोग सहित अनेक गणमान्य विद्वतजन सम्मिलित होंगे।




