रोस्टर प्रकरण: सीनियर डीसीएम की भूमिका पर उठ रहे सवाल

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर मध्य रेलवे भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया है। एन सी आर में रोज किसी न किसी तरह के घपले घोटाले के मामले सामने आ रहे हैं।
रेल कर्मचारी खफा, कर्मियों से पैसा मांगने का आरोप
प्रयागराज डिवीजन के सीनियर डीसीएम पर रेल कर्मचारियों ने पैसे वसूलने का आरोप लगाया है। कुछ दिन पहले आरआरसी द्वारा आयोजित विभागीय परीक्षा में भी धांधली का आरोप लगा था। सीनियर डीसीएम के करीबी प्रयागराज कानपुर सहित अन्य स्टेशनों पर वेंडरों से अवैध वसूली के पैसे मुख्यालय तक पहुंचाया जा रहा है। सीनियर डीसीएम के कई मामले एक पक्षी बताए जा रहे हैं। जिसमें शिकायत कर्ताओं से पूछे बगैर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। बाद में उनके करीबी पीड़ित कर्मचारियों से धन उगाही कर रहे हैं। करीबियों के खिलाफ कार्रवाई ना होना उनको नियम विरुद्ध सीट पर बैठा कर वसूली कराया जा रहा है।
*सालों से चल रहा खेल*
रेल सूत्रों का कहना है कि वारिस विभाग में सालों से वसूली का खेल चल रहा है। टीटी संवर्ग के कर्मचारी रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर के सहारे घर बैठे वेतन आर्य कर रहे थे। टीटी डिप्टी सी आई टी एवं सीआईटी सीआईडी प्रशासन एवं सीआईटी रोस्टर को सुविधा शुल्क देकर मनमाने ढंग से ट्रेनों पर ड्यूटी कर रहे थे। इस मामले की जानकारी सीनियर डीसीएम से लेकर मुख्यालय अस्तर पर सीसीएम तक थी। कई लोगों ने धन उगाही एवं ड्यूटी ना करने की शिकायत सीनियर डीसीएम एवं सीसीएम से की थी। इसके बावजूद कार्रवाई ना होने से भ्रष्ट सीआईडी प्रशासन एवं रोस्टर मनोबल बड़ा था। सूत्रों ने बताया धन उगाही के बाद नीचे से लेकर ऊपर तक पैसों का बंदरबांट किया जाता था। भारी दबाव एवं शिकायत के बाद 27 जुलाई को सीआईडी रोस्टर एस के पांडे को निलंबित कर दिया गया। सीआईडी प्रशासन बीके सिंह को sf5 की नोटिस जारी की गई। टीटी संवर्ग के कर्मचारियों में रोज किसी न किसी बात को लेकर किच किच हो रही है। इन सब की जानकारी होने के बावजूद सीनियर डीसीएम की चुप्पी उनके भ्रष्टाचार में शामिल होने का संकेत देता है। सूत्रों ने बताया की आर पी एफ का पूर्व सिपाही दिनेश पांडे जो इस समय खानपान का प्रभार देख रहा है। उसके ऊपर तमाम तरह के आरोप लग रहे हैं। रेल कर्मियों का कहना है कि दिनेश सीनियर डीसीएम का बहुत ही करीबी है।
11 टीटीई ने पैसे देने की बात स्वीकार किया
जानकारी के मुताबिक शिकायत के बाद हुई जांच में 11 टीटीइ ने सीआईटी रोस्टर एसके पांडे को पैसे देने की बात को स्वीकार किया है। विभागीय जांच में पैसे लेने की बात का खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक टीटी कुमार चरण जीत चरण संजय कुमार जितेन कुमार यादव धीरेंद्र कुमार मौर्य राम लखन पटेल राहुल कुमार पांडे राजेंद्र प्रसाद दीनदयाल गुप्ता रतन कुमार प्रिंस श्रीवास्तव आजम अली कुरेशी अवनीश कुमार शर्मा ने पैसा देने की बात को स्वीकार किया है। इसके अलावा जांच में या भी पाया गया है कि टीटी संवर्ग के कई कर्मचारी साप्ताहिक विश्राम के दिन ड्यूटी दिखाकर उनको सी आर दिया गया है।




