राम कथा आनंद का परम् धाम-रामभद्राचार्य

रायबरेली (अनुराग दर्शन समाचार )श्रीराम कथा के रसपान से हर समस्या का समाधान होता है। व्यक्ति को अपने जीवन में एक बार मानस का पाठ जरूर करना चाहिए। भक्त जब दिग्भ्रमित हो जाता है तो भगवान गुरु के रूप में मार्ग दिखाते हैं। संसार में ऐसे बहुत से लोग हुए जिनका भगवत कृपा प्राप्त होने से जीवन बदल गया। जब युद्धक्षेत्र में अर्जुन संशय में पड़े तो भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें सही राह दिखाया। उक्त बातें मां गौरा पार्वती मंदिर प्रांगण सतांव में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन शनिवार को जगद्गुरु स्वामी श्री रामभद्राचार्य ने कहीं।प्रभु को प्रकट करने के लिए समय, स्थान, स्थिति नहीं, बल्कि समर्पण होना चाहिए।स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी का कहना है कि प्रेम, प्रार्थना और प्रभु भक्ति से ही प्रभु प्रकट होते हैं। साध्वी पंछी देवी ने कहा श्रीराम कथा की सार्थकता तभी होगी जब हम श्रीराम के आदर्शों पर चलेंगे। श्रीराम के परम भक्त भरत जी के आचरण का वर्णन नहीं किया जा सकता क्योंकि भरत जैसा कोई श्रीराम का स्नेही न हुआ और न होगा।समाज में कोई नहीं जो श्रीराम के सौंदर्य से प्रभावित न हो।इंसान की समस्त समस्याओं का समाधान श्रीराम कथा है। इंसान श्रीराम कथा से भव सागर पार कर सकता है। हमारे मन का विकार काम, क्रोध, लोभ ही त्रिपुरासुर है। राम राज्य की संकल्पना उत्तम कार्य व व्यवहार से ही संभव है।




