थाईलैंड। उत्तरी थाईलैंड की टैम लूंग गुफा में फंसे 12 फुटबॉल खिलाड़ी और उनके कोच को बचाने का अभियान पूरा हो चुका है. सभी बच्चों और उनके कोच को गुफा से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. ये मिशन बेहद खतरनाक था जिस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई थी. सभी बच्चों के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद दुनियाभर के लोग राहत की सांस ले रहे हैं. बता दें कि 50 विदेशी गोताखोरों और थाई नेवी सील के 40 कमाण्डो ने मिलकर इस मिशन को पूरा किया.
ऐसे फंसे थे बच्चे
23 जून को वाइल्ड बोर्स नाम की टीम ने फुटबॉल मैच खेला और उसके बाद साइक्लिंग करते हुए टैम लूंग गुफा तक जा पहुंचे. फुटबॉल टीम के साथ उनके कोच भी थे. फुटबॉल टीम जैसे ही गुफा के अंदर पहुंची तेज बारिश शुरू हो गई. बाढ़ की वजह से गुफा में पानी भर गया और गुफा से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता बंद हो गया और फुटबॉल टीम के 12 खिलाड़ी और कोच अंदर ही फंसे रह गए.
9 दिन तक पानी पीकर रहे जिंदा
बच्चे जब शाम को वापस नहीं लौटे तो उनके परिवार वाले परेशान हो गए. इसके बाद बच्चों की तलाश शुरू हुई. 2 जुलाई को गुफा में बच्चों को खोजा गया. तब तक सभी बच्चे और उनके कोच बाढ़ का पानी पीकर जिंदा रहे. गुफा के अंदर अंधेरा होने के कारण उन्हें यह भी पता नहीं था कि वे कितने दिनों से वहां फंसे हुए हैं. बच्चों की तलाश के बाद उन्हें खाने का सामान और दवाइयां भेजी गई.
आसान नहीं था बचाव अभियान
9 दिन तलाश के बाद फुटबॉल टीम सुरक्षित मिल तो गई लेकिन इसके साथ ही सवाल खड़ा हुआ कि आखिर उन्हें गुफा से बाहर निकाला कैसे जाएगा. कहीं संकरी तो कहीं चौड़ी गुफा में जगह-जगह पर पानी भरा हुआ था. 11-17 साल की उम्र के खिलाड़ियों में किसी को तैरना भी नहीं आता था. गुफा से टीम को बाहर निकालने के लिए कई विकल्पों पर विचार किया गया लेकिन एक भी विकल्प भी ऐसा नहीं था जिसमें खतरा न हो इसलिए अन्त में तय किया गया कि गोताखोरों की मदद से बच्चों को पानी के रास्ते ही बाहर निकाला जाएगा.




