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रात हुई बारिश ने संगम की रेती पर डेरा डाले श्रद्धालुओं की मुसीबत और बढ़ाई

बारिश के कारण शिविरों से टपकने लगा पानी

इसके कारण कल्पवासियों ने जागकर गुजारी रात

 

( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। सुबह से ही तेज ठंडी हवाएं चल रहीं थी, आसमान में कहीं बादल थे तो कहीं से सूरज देवता झांक रहे थे। मौसम में ठंडक इतनी की लोग कपड़ों से लैस, लेकिन इन सब के बीच गंगा स्नान और उसके बाद भगवान का ध्यान। टेंट के आगे गमले में लगाई गई तुलसी के पौधे के आगे बैठे कल्पवासी मानों किसी परीक्षा में बैठे अभ्यर्थी हो। वह ईश्वर की आराधना में आस्था और विश्वास से लीन हैं। वही गंगा के बढ़ते जलस्तर से कल्पवासी पहले ही परेशान थे। बीती रात हुई बारिश ने संगम की रेती पर डेरा डाले श्रद्धालुओं की मुसीबत और बढ़ा दी। बारिश के कारण शिविरों से पानी टपकने लगा। इसके कारण कल्पवासियों ने रात जागकर गुजारी। खासकर उन कल्पवासियों को अधिक परेशानी हुई जो गंगा का पानी बढ़ने के बाद सेक्टर पांच में बसाए गए हैं। विस्थापित कल्पवासियों के शिविर पूरी तरह बस नहीं पाए और बारिश हो गई। भोर में कल्पवासी गंगा स्नान करने गए तो वहां भी समस्या कम नहीं थी। संगम क्षेत्र के अधिकतर घाटों पर दलदल और कीचड़ था। गंगा स्नान कर आए कल्पवासी अपने शिविरों को व्यवस्थित करने में जुटे रहे।

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