डाॅ जैन की अगुवाई में परिक्रमा करते साधु-संत

84 कोसी परिक्रमा का हुआ शुभारम्भ
चित्रकूट( अनुराग दर्शन समाचार )। परम संत पूज्य रणछोरदास जी महाराज के आश्रम श्री रघुवीर मन्दिर बडीगुफा जानकीकुण्ड में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी चित्रकूट धाम 84 कोसी परिक्रमा का शुभारम्भ सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी डाॅ वीके जैन ने किया।
शनिवार को त्रेता युग से ही भगवान श्रीराम, माता जानकी एवं भ्राता लक्ष्मण के वनवास काल की विहार भूमि के कारण चित्रकूट को तीर्थधाम का दर्जा मिला है। चित्रकूट से 84 कोस व्यास में परिक्रमा कर लोग अपने जीवन को धन्य बनाते हैं। प्रतिवर्ष ये परिक्रमा फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से शुरु होकर द्वादशी कुल 11 दिनों में पूरी होती है। पहले दिन परिक्रमा श्री रघुवीर मन्दिर से जयकारों एवं ध्वजा पताका के साथ साधु-संतों की अगुवाई मंे शुरु होती है। इसमें मप्र, उप्र, बिहार, झारखण्ड व छत्तिसगढ राज्यों से भारी तादाद में श्रद्धालु आते हैं। रात्रि विश्राम भगवान श्रीराम से संबंधित किसी न किसी पडाव पर होता है।
ये यात्रा बडीगुफा जानकीकुण्ड से स्फटिकशिला, सतीअनुसुइया, गुप्तगोदावरी, रामसैया, कामदगिरि, अमरावती, हनुमानधारा, रामघाट होकर 11 दिनों में पुनः श्री रघुवीर मन्दिर मंे पूरी होगी। सभी श्रद्धालुओं को प्रतिवर्ष कम्बल, दक्षिणा, भोजन आदि का विशेष प्रबंध होता है। ये यात्रा इस वर्ष चार मार्च से 15 मार्च तक चलेगी। श्री रघुवीर मन्दिर ट्रस्ट के अध्यक्ष डाॅ वीके जैन एवं ऊषा जैन ने यात्रा का ध्वज मुख्य कोतवाल को तिलक एवं पुष्प अर्पित कर शुभारम्भ कराया। डाॅ जैन ने कहा कि परिक्रमा के लिए पधारे साधु-संतों की इस काल में भीषण तपस्या देखकर आश्चर्य होता है। भगवान श्रीराम के संदेश को प्रसारित करने का जो बीडा उठाया है, वह वन्दनीय है। इस वर्ष 15 सौ से अधिक श्रद्धालु आये हैं। भारतीय परम्परा और आध्यात्मिक मूल्यों को संजोये रखने में सभी संकल्पबद्ध हैं। इस मौके पर चित्रकूट के विशिष्ट संतों में आकर सभी को अपना आशीर्वाद दिया। ट्रस्टी डाॅ वीके जैन को साधुवाद दिया।


