बिना पहचानपत्र कुंभ में जाने वाले हैं तो हो जाइए सचेत

प्रयागराज। दूरदराज से आने वाले संतों को कुम्भ मेले के दौरान अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। लोग अपना आधार कार्ड या वोटर आईकार्ड साथ रखेंगे। इसके बिना कुम्भ मेले के दौरान उन्हें शिविरों में नहीं ठहरने दिया जाएगा। यह निर्णय कुम्भ मेले की तैयारियों को लेकर निरंजनी अखाड़े की बैठक में हुआ।
दारागंज में हुई बैठक की अध्यक्षता अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने की। पंच परमेश्वर की बैठक में तय हुआ कि देश के तमाम हिस्सों से हाथी-घोड़े ऊंट आने हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को जिम्मेदारी दे दी जाए। इससे मेले के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके साथ ही पूरे महीने अन्न क्षेत्र चलाए जाने हैं। इसके लिए लोगों को जिम्मेदारी दी गई। अनाज का बंदोबस्त करें। अखाड़ों में रखे हुए सामानों की साफ सफाई का जिम्मा भी दिया गया। महंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि तमाम ऐसे बाहर के संत आते हैं जिन्हें पहचान पाना मुश्किल है। इसलिए पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। बैठक में महंत लखन गिरि, धर्मराज भारतीय, आशीष गिरि, ढोंगर गिरि, राधे गिरि, राम रतन गिरि, मनीष भारतीय, नरेश गिरि आदि मौजूद रहे।




