Prayagraj Crime: सीएम से अवैध भट्टा संचालक के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग
चार वर्ष से भट्टे का लाइसेंस नही हुआ है रिनिवल, बिजली गिरने से दो श्रमिकों की हो चुकी है मौत : भानूप्रताप

Prayagraj Crime: सीएम से अवैध भट्टा संचालक के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग समाजसेवी ने मुख्यमंत्री को आज पत्र भेजकर मेजा क्षेत्र में अवैध संचालित भटटा मालिक के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग किया है।
समाजसेवी ने कहा कि एक मई को अवैध संचालित भटटे पर बिजली गिरने से दो श्रमिकों की आकस्मिक मौत हो गयी थी जबकि कई श्रमिक घायल हो गये थे। ऐसे मे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर अवैध भट्टा मालिक के खिलाफ सख्त कारवाई की जाये।
मेजा तहसील के बिसेन का पुरा परानीपुर निवासी समाजसेवी भानू प्रताप सिंह कहा कि उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश के बाद भी स्थानीय प्रशासन की सांठगांठ से अवैध रूप से चल रहे मे. ब्रह्म शक्ति ईंट उद्योग भट्ठे पर आकाशीय बिजली गिरने से दो श्रमिकों की मौत हो गयी थी। उन्होंने बताया कि गांव बिसेन का पुरा परानीपुर तहसील मेजा मैसर्स ब्रह्म शक्ति ईट उद्योग मार्का एसकेएस ईंट विगत कई वर्षों से संचालित है।
उक्त भट्ठा के विरुद्ध उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा उक्त भट्ठा को बंद करने का आदेश (संलग्न) पात्रांक संख्या – 87813/सी-2/सा0-558/बन्दी आदेश/2023 दिनांक – 25 जनवरी 2023 पारित किया गया और उक्त पारित आदेश की कॉपी जिलाधिकारी प्रयागराज एवं कमिश्नर पुलिस प्रयागराज तथा संबंधित विभाग के अन्य अधिकारियों के पास प्रेषित की गई किंतु स्थानीय प्रशासन एवं राजस्व कर्मियों की सांठगांठ से उक्त भट्ठा संचालित होता रहा और वर्तमान में भी संचालित हो रहा है।
समाजसेवी ने बताया कि भट्टे पर एक मई को कार्य में लगे मजदूरों के ऊपर आकाशीय बिजली गिरने से दो लेबर की मृत्यु हो गई तथा तीन गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा है। उक्त भट्टे के संचालन में घोर अनियमितता करते हुए संचालक ने न ही लेबर रजिस्ट्रेशन करवाया था और न ही बिलासपुर से ले आए लेबरों को लाने का आदेश ही लिया था, न ही उनके रुकने और उनके जरूरी आवश्यकता की ही व्यवस्था किया था। उक्त भट्ठा चकमार्ग पर बना हुआ है, जिसके संबंध में न्यायालय तहसीलदार तहसील मेजा प्रयागराज में वाद विचाराधीन है।
उक्त वाद में हाई कोर्ट इलाहाबाद का डायरेक्शन होने के बाद भी तहसील प्रशासन और भट्टा संचालक की मिली भगत से उक्त भट्टा के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं हुई, न ही भट्ठा संचालक के विरुद्ध कोई कार्रवाई हुई और न ही हाईकोर्ट के द्वारा दिये गए समय के भीतर वाद का निस्तारण ही किया। स्थानीय प्रशासन की भ्रष्टाचार और लापरवाही की कीमत दो श्रमिकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी और अभी भी तीन जिंदगियां जीन्दगी और मौत के बीच झूल रही है। आखिर कब तक भ्रष्टाचार की कीमत गरीब अपनी जान देकर चुकाता रहेगा। समाजसेवी भानुप्रताप ने सीएम को भेजे गये प्रार्थना पत्र में मांग की गयी है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए दोषी लोगों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाये।



